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कानपुर: चार दिन से लापता एलएलबी छात्रा रुचि की लाश मिली, लखनऊ के दोस्त गिरफ्तार

रुचि (23) दबौली वेस्ट की थी; पिता चाय विक्रेता विमल पाल बताते हैं कि बेटी पढ़ाई खत्म कर घर का बोझ उठाना चाहती थी।

कानपुर: चार दिन से लापता एलएलबी छात्रा रुचि की लाश मिली, लखनऊ के दोस्त गिरफ्तार
फोटो: अमर उजाला

कानपुर। एलएलबी सेकंड ईयर की छात्रा रुचि (23) दबौली वेस्ट से चार दिन से लापता थी और शुक्रवार सुबह रेलवे ट्रैक पर उसका शव बरामद हुआ। परिजन कहते हैं कि उन्होंने शुरुआत से ही पुलिस को सूचना दी, लेकिन चौकी से 24 घंटे आने को कहकर टाल दिया गया।

रुचि दबौली वेस्ट निवासी चाय विक्रेता विमल पाल की बेटी थी। परिवार ने बताया कि वह 28 सितंबर की शाम घर के पास ही बच्चों को ट्यूशन पढ़ाने गई थी और उसके बाद से कुछ पता नहीं चला। भाई विनय ने कहा कि उसी रात वह दादानगर चौकी गया था।

परिवार ने बताया कि पहले रुचि की चप्पलें मिले और बाद में करीब 500 मीटर दूर रेलवे ट्रैक पर उसका शव बरामद हुआ। रुचि की गुमशुदगी 30 सितंबर को दर्ज कराई गई, लेकिन परिजन कहते हैं कि उस दौरान खोजबीन नहीं हुई।

मामले की जांच और गिरफ्तारी

रुचि के फोन से आखिरी कॉल पुखरायां निवासी ओमवीर यादव को हुई थी। ओमवीर को पुखरायां में ही रुचि के साथ कोचिंग पढ़ाने वाला बताया गया है और फिलहाल वह लखनऊ में रेलवे में प्राइवेट नौकरी करता है। ओमवीर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और उस पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।

डीसीपी दक्षिण दीपेंद्र नाथ चौधरी ने कहा कि शव का पैनल से पोस्टमार्टम कराया जाएगा और चौकी इंचार्ज की लापरवाही की भी जांच की जा रही है। अंतिम रिपोर्ट के बाद प्राथमिकी में धाराओं का परिवर्तन किया जा सकता है।

रुचि के पिता विमल पाल ने बताया कि बिटिया पढ़ाई के साथ खेलकूद में भी आगे थी; “पापा ज्यादा नहीं बेचने दूंगी चाय” वो अक्सर कहा करती थी। मां गुड्डी ने कहा, “अरमान थे कि बेटी की डोली देखेंगी, क्या पता था कि अर्थी देखनी पड़ेगी।”

ओमवीर के परिजनों का कहना है कि उसकी गलती सिर्फ इतनी है कि रुचि की आखिरी बार उससे बात हुई थी और इसी आधार पर वह आरोपी बना। परिवार और पुलिस अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मोबाइल लोकेशन की रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं।

स्रोत: अमर उजाला

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Vikas Kumar

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कई वर्षों से समाचार, योजना, रोजगार इत्यादि मामलों से जुड़े कार्यों में संलग्न।