लखनऊ। केिंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के आर्थोपेडिक विभाग के असिस्टेंट नर्सिंग सुपरीटेंडेंट पवन गर्ग और उनके साथी सचिन विश्वकर्मा के डबल मर्डर का राज खुल गया है। मंडियांव पुलिस और क्राइम ब्रांच ने इस सनसनीखेज मामले में मुख्य साजिशकर्ता समेत कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने बताया कि पवन जमीन खरीदने के लिए 50-60 लाख रुपये नकद रखे थे। इसी रकम को हड़पने के मकसद से नितिन मिश्रा उर्फ डब्लू महाराज ने योजना बनाई। गिरफ्तार अन्य आरोपियों के नाम अवनीश मौर्य, प्रकाश सिंह, सूरज सिंह और मोहित सिंह बताए गए हैं।
घटनाक्रम और आरोपियों की भूमिका
प्रारंभिक तफ्तीश में सामने आया कि 27 सितंबर की देर शाम नितिन ने पवन को बिठौली क्रॉसिंग पर बुलाया। पवन अपने दोस्त सचिन के साथ वहां पहुंचे। सभी इटौंजा स्थित न्यू फौजी ढाबे पर गए और शराब पीकर खाना खाया गया, जहाँ किसी बात को लेकर कहासुनी हुई।
योजना के अनुसार आरोपियों ने दोनों को अपहरण कर इटौंजा में नितिन के निर्माणाधीन मकान में बंद किया। वहां दोनों को अलग-अलग कमरों में बंधक बनाकर पीटा गया और 50 लाख रुपये की फिरौती की डिमांड की गई। पवन ने पैसे देने से इनकार किया तो 28 सितंबर की दोपहर आरोपियों ने रस्सी से दोनों का गला घोंट कर हत्या कर दी।
शवों को छिपाने के लिए आरोपियों ने उसी शाम लगभग 5:30 बजे उन्हें सीतापुर के चहलारी घाट से घाघरा नदी में फेंक दिया। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल की गई थार जीप व आई-10 कार बरामद कर ली है। मृतकों के अंगूठी व चैन भी आरोपियों के पास मिले हैं।
सीतापुर के चहलारी घाट पर एसडीआरएफ, जल पुलिस और पीएसी की टीमें लगातार घाघरा में शव तलाश का रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं। डीसीपी नॉर्थ अमित आनंद ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की तैयारी जारी है।
स्थानीय लोग इस घटना से दहशत में हैं और विभागीय स्तर पर भी सवाल उठ रहे हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी स्टेशन पर दें ताकि जांच आगे तेजी से पूरी हो सके।
स्रोत: News18

