लखनऊ। एक्यूआईएस विचारधारा से जुड़े मॉड्यूल के दो संदिग्धों की गिरफ्तारी के बाद प्रदेश में जांच तेज कर दी गई है। उत्तर प्रदेश एंटि‑टेररिज़्म स्क्वॉड (एटीएस) अब मामले की जाँच का दायरा बढ़ा रही है और अलग‑अलग स्तरों पर सबूत जुटाये जा रहे हैं।
जांच में सामने आए करीब 50 लोगों की भूमिका एक जैसी नहीं मानी जा रही है। एटीएस यह अलग कर रही है कि कौन लोग केवल सोशल मीडिया के जरिए संपर्क में थे और किन लोगों ने नेटवर्क की गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाई। डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण में पांच‑छह ऐसे लोगों को चिन्हित किया गया है जिनकी गिरफ्तारी की संभावना जताई जा रही है।
डिजिटल और बैंकिंग साक्ष्य पर फोकस
एटीएस नबील और मकसूद के अलावा उनके सीधे संपर्क में रहे युवकों के बैंक खातों की भी जांच कर रही है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि कथित गतिविधियों के लिए धन कहां से जुटाया जा रहा था। बैंकिंग ट्रांजेक्शन, डिजिटल संदेश और फाइलों का तकनीकी विश्लेषण चल रहा है जिससे फंडिंग के स्रोतों की पुष्टि की जा सके।
जांच अधिकारियों ने कहा है कि कुछ संदिग्धों से पूछताछ की योजना है और आवश्यक होने पर और गिरफ्तारी हो सकती है। डिजिटल फॉरेंसिक टीमें संदेशों और साझा फाइलों की तह तक जा रही हैं ताकि नेटवर्क की संरचना और सक्रिय सदस्यों की पहचान हो सके।
स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था में भी सतर्कता बढ़ा दी गयी है। पुलिस और एटीएस के साथ स्थानीय अधिकारियों ने संभावित खतरों की सूची तैयार की है और संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ायी गयी है।
आम लोग अपने फोन और सोशल मीडिया संदेशों में संदिग्ध गतिविधि देखने पर नजदीकी पुलिस स्टेशन या एटीएस को सूचित कर सकते हैं। जांच के अगले चरण में और सबूत मिलने पर सार्वजनिक तौर पर और जानकारी दी जाएगी।
स्रोत: अमर उजाला

