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मुज़फ्फरनगर: चार गांवों में मिलन केंद्र बनेंगे, शहीद स्मारक का विस्तार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रामपुर तिराहा कांड की 32वीं बरसी पर चार गांवों में मिलन केंद्र, शहीदों की प्रतिमाओं और 1847 शहीदों के स्मारक के विकास की घोषणा की।

मुज़फ्फरनगर: चार गांवों में मिलन केंद्र बनेंगे, शहीद स्मारक का विस्तार
फोटो: अमर उजाला

मुज़फ्फरनगर। रामपुर तिराहा कांड की 32वीं बरसी पर रविवार को यहां रामपुर तिराहा स्थित स्मारक स्थल पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन हुआ, जिसमें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शामिल रहे और उन्होंने आंदोलन के दौरान मददगार बने चार गांवों में मिलन केंद्र बनवाने का एलान किया। यह सभा उन आंदोलनकारियों को समर्पित थी जिन्होंने राज्य गठन की लड़ाई में हिस्सेदारी निभाई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्धारित मिलन केंद्रों पर दोनों राज्यों के लोग ठहर सकेंगे और शहीदों के घरों के पास उनकी प्रतिमाएं भी लगाई जाएंगी। उन्होंने यह भी कहा कि उत्तराखंड के 1847 शहीद सैनिकों की याद में स्मारक उनके गांव के समीप बनाया जाएगा और शहीद स्थल का विस्तार किया जाएगा।

कहां बनेंगे मिलन केंद्र

सरकार ने चार गांवों को चिन्हित किया है जहां मिलन केंद्र बनेंगे।

  • रामपुर
  • सिसौना
  • बागोवाली
  • मेघपुर

सभा में यह भी बताया गया कि स्मारक में लाइब्रेरी की स्थापना और संग्रहालय के विकास के काम होंगे। शहीद आंदोलनकारियों की प्रतिमा स्थल का शिलान्यास भी किया गया और प्रतिमा स्थल के लिए 27.29 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है।

कार्यक्रम में मौजूद लोगों में एमएलसी वंदना वर्मा, पूर्व विधायक अशोक कंसल, पूर्व विधायक उमेश मलिक, नितिन मलिक, जगदीश पांचाल, मामेश ठाकुर और सत्यप्रकाश रेशू शामिल रहे। साथ ही हरिद्वार से आए कई आंदोलनकारी और प्रदेश के अधिकारी भी मौजूद थे।

राज्य सरकार ने इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास का ऐलान करते हुए कहा कि गंगा एक्सप्रेस वे हरिद्वार तक जाएगा और आरआरटीएस के विस्तार पर कार्रवाई शुरू की जा रही है। राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल ने आरआरटीएस को रुड़की और हरिद्वार तक जोड़ने की मांग उठाई और कहा कि एमडीए ने डीपीआर तैयार करने के लिए वित्तीय स्वीकृति दे दी है।

स्थानीय प्रतिक्रिया और आगे की कार्रवाई

शहीद स्थल के लिए भूमि दान देने वाले पप्पू शर्मा और शुभम शर्मा ने मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया और कहा कि यह स्थल उनके परिवार के लिए भावनात्मक रूप से बहुत करीबी है; उनके पिता पं. महावीर शर्मा ने इसे शहीदों के तीर्थ के रूप में संवारा है। सरकार ने स्मारक के विकास और स्थल के विस्तार के लिए आगे की रूपरेखा तैयार करने का आश्वासन दिया है।

स्रोत: अमर उजाला

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Vikas Kumar

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कई वर्षों से समाचार, योजना, रोजगार इत्यादि मामलों से जुड़े कार्यों में संलग्न।