प्रयागराज। शहर की अलग-अलग वार्डों में जमीनों से जुड़ी कथित तिकड़मों को लेकर शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने औपचारिक जांच शुरू कर दी है। शिकायतकर्ता शाह फैसल की तहरीर के आधार पर पूरामुफ्ती थाने में 10 नामजद आरोपियों समेत अन्य अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
शिकायत में आरोपियों के नामों में मोहम्मद राशिद उर्फ नीलू, मोहम्मद जैद खालिद, जसीम अहमद, जाफर अहमद, मुमताज अहमद, राहिल सिद्दीकी, महमूद अख्तर, अबू जैद, धीरेंद्र प्रताप सिंह और मोहम्मद दानिश शामिल बताए गए हैं। शिकायत में पोंगहट, बमरौली, रसूलपुर, मरियाडीह और रसूलपुर काशीपुर क्षेत्र का विशेष उल्लेख है।
फर्जी बैनामे और कब्जे के आरोप
शाह फैसल का दावा है कि इन इलाकों में 100 से अधिक भूखंडों के कथित फर्जी बैनामे कराए गए और वास्तविक खरीदे गए हिस्से से अधिक जमीन का नामांतरण कराया गया। साथ ही ग्रामसभा, बंजर, नाला और अन्य सरकारी जमीनों पर कब्जे तथा प्लॉटिंग के आरोप भी तहरीर में किए गए हैं।
तकरीबन 22 लोगों की जमीनों पर मरियाडीह और रसूलपुर काशीपुर क्षेत्र में लगभग साढ़े सात बीघा भूमि पर कब्जे और प्लॉटिंग के आरोप लगे हैं। संबंधित जमीन की कीमत करीब छह करोड़ रुपये आंकी गई थी।
पिछले रिकॉर्ड्स का हवाला देते हुए कहा गया है कि जैद खालिद पर अक्टूबर 2025 में भी पूरामुफ्ती थाने में सरकारी जमीन, सार्वजनिक रास्ते और नाले की जमीन पर कथित कब्जे और प्लॉटिंग का मुकदमा दर्ज हुआ था। उस जांच में सामने आया था कि उसने करीब 0.38 हेक्टेयर जमीन खरीदी, जबकि करीब 0.48 हेक्टेयर जमीन बेच दी गई।
अपराधों के स्वरूप में बताए गए अवैध निर्माणों पर प्रशासन ने पहले भी कार्रवाई की है। बताया गया है कि सितंबर 2026 में PDA ने पूरामुफ्ती क्षेत्र के विष्णापुरी कछार में जैद खालिद से जुड़ी बताई जा रही कथित अवैध डेयरी/गौशाला के निर्माण पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की थी।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर रजिस्ट्री, नामांतरण, राजस्व अभिलेख और जमीनों से जुड़े दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है। शिकायतकर्ता ने संबंधित जमीनों की खरीद-फरोख्त के साथ बैंक खातों और पैसों के लेनदेन की भी पड़ताल की मांग की है। पुलिस का कहना है कि आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही संभव होगी।
स्रोत: TV9 भारतवर्ष

