प्रयागराज। सूबेदारगंज स्थित उत्तर मध्य रेलवे मुख्यालय में 2 अक्तूबर को ‘‘स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा-2026’’ का समापन किया गया। आयोजन स्वच्छ भारत दिवस के अवसर पर हुआ और इसमें वरिष्ठ अधिकारी व कर्मचारी शामिल हुए।
पखवाड़ा 17 सितंबर से 2 अक्तूबर तक महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह के मार्गदर्शन में चला। इस अवधि में रेलवे बोर्ड के पांच प्रमुख स्तंभों के तहत कुल 4,770 कार्यक्रम आयोजित किए गए। रेलवे बोर्ड ने शुरू में 3,500 सीटीयू चिन्हित करने का लक्ष्य रखा था, लेकिन उत्तर मध्य रेलवे ने 14,837 सीटीयू चिन्हित किए और इनमें से 12,246 से अधिक का कायाकल्प किया गया।
कार्यक्रम और भागीदारी
अपर महाप्रबंधक राजकुमार वानखेड़े ने कार्यक्रम में अधिकारियों और कर्मचारियों से स्वच्छता की शपथ दिलवाई। महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि भी दी गई। युवाओं को जागरूक करने के लिए 555 स्वच्छता पाठशालाएं लगाई गईं और सफाई मित्रों की सुरक्षा के लिए 116 सुरक्षा शिविर आयोजित किए गए।
जनभागीदारी के 837 आयोजनों में लगभग 55,000 लोग शामिल हुए। इसके अलावा ‘‘स्वच्छता से समृद्धि’’ के अंतर्गत 284 विशेष कार्यक्रम कराए गए जबकि विश्व पर्यटन दिवस पर 124 अतिरिक्त स्वच्छता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
मुख्यालय में ‘‘एक पेड़ मां के नाम’’ अभियान के तहत पौधरोपण भी किया गया। उत्तर मध्य रेलवे ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 2 करोड़ पत्ते लगाने का लक्ष्य रखा है और इसके लिए अभियान जारी रहेगा।
पखवाड़े में चिन्हित व कायाकल्प किए गए सीटीयू रेल परिसंपत्तियों और स्टेशनों की साफ-सफाई व रखरखाव पर केन्द्रित रहे। रेलवे ने इन गतिविधियों से यात्रियों और स्थानीय समुदाय को स्वच्छता के महत्व के बारे में जागरूक करने पर जोर दिया।
अगले चरण में रेलवे अधिकारियों ने इन पहलों को चलायमान रखने और चिन्हित सीटीयू की नियमित निगरानी करने का भरोसा दिया है। स्थानीय लोगों को भी सहयोग करने और स्वच्छता कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया गया है।
स्रोत: अमर उजाला

