प्रयागराज। स्वरूपरानी नेहरू (एसआरएन) अस्पताल की लिफ्ट व्यवस्था बिगड़ने से मरीज और तीमारदार परेशान हैं। अस्पताल की कुल 11 लिफ्ट में से आठ बीते एक वर्ष से खराब पड़े हैं और लोग सीढ़ियों व रैंप के जरिए तीन-चार मंजिल तक जा रहे हैं।
लिफ्ट खराबी के पहलू
पीएमएसएसवाई के तहत बनी 220 बेड की पांच मंजिला बिल्डिंग में कुल पांच लिफ्ट हैं, जिनमें से तीन साल भर से काम नहीं कर रहीं। इस इमारत में प्रथम व द्वितीय तल पर चार-चार जनरल वार्ड और तीसरे तल पर दो आईसीयू वार्ड हैं। चौथी मंजिल पर ऑपरेशन थियेटर है और ग्राउंड फ्लोर पर सीटी स्कैन, एक्सरे व पैथोलॉजी सुविधा है।
वार्डों तक मरीजों व तीमारदारों को पहुंचाना कठिन हो गया है। वार्ड बॉय सीढ़ी व रैंप चढ़ने की वजह से मरीजों को ले जाने से अक्सर मना कर देते हैं। रेडियोलॉजी विभाग के टेक्नीशियन बेड साइड एक्सरे करने नहीं जाते। मरीजों को स्ट्रेचर खींचकर ले जाना पड़ता है और कई बार तीमारदारों को खुद धक्का लगाकर वार्ड तक पहुंचना पड़ता है।
अस्पताल की पुरानी तीन मंजिला इमारत, जिसमें 1200 बेड हैं, का भी यही हाल है। यहां दो लिफ्टें वर्षों से खराब हैं और वार्ड-2 के पास मौजूद लिफ्ट का केबिन गल चुका है जिसे पूरी तरह बदला जाएगा। इस इमारत में तीन ऑपरेशन थियेटर, एचडीयू व आईसीयू भी हैं।
पुराना ओपीडी ब्लॉक और गैस्ट्रोलॉजी व ट्रॉमा सेंटर की भी एक-एक लिफ्ट लंबे समय से बंद है। इन जगहों पर टीबी और सांस के रोगियों, गर्भवतियों व गंभीर हड्डी रोगियों के लिए एक-एक सीढ़ी चढ़ना जोखिम भरा और मुश्किल हो गया है।
स्थानीय तीमारदारों का कहना है कि अस्पताल तक पहुंचना दिन पर दिन मुश्किल हो रहा है। लिफ्ट की मरम्मत न होने का कारण 2006-2007 और 2013-2014 में लगी इन लिफ्टों के ठेके की अवधि का समाप्त हो जाना बताया जा रहा है। अब इंतजार है कि प्रशासन कब तक मरम्मत का काम शुरू कराएगा।
स्रोत: अमर उजाला

