प्रयागराज। शहर में अवैध रूप से घूमते आवारा कुत्तों ने राह चलते लोगों के लिए मुश्किलें बढ़ा दी हैं। राष्ट्रीय रेबीज नियंत्रण कार्यक्रम की रिपोर्ट के अनुसार हर महीने लगभग 10 हजार लोग आवारा कुत्तों के काटने का शिकार हो रहे हैं।
रिपोर्ट बताती है कि इस साल जनवरी से अगस्त तक कुल करीब 80 हजार लोगों को काटा गया। इसमें 58 हजार मामले आवारा कुत्तों के और 22 हजार पालतू कुत्तों के हैं। दक्षिणी और पश्चिमी इलाके काटने की घटनाओं में अधिक प्रभावित बताए जा रहे हैं।
नगरीय कदम और खर्च
नगर निगम कुत्तों की नसबंदी (स्टरलाइजेशन) और एंटी‑रेबीज वैक्सीनेशन का काम कर रहा है। इस काम पर हर साल करीब 80 लाख रुपये खर्च हो रहे हैं। पैरावेट द केयर ऑफ एनिमल एंड सोसाइटी यह कार्य कर रही है। नगर निगम के पास कुत्तों को पकड़ने के लिए दो वाहन उपलब्ध हैं।
प्रत्येक मोहल्ले में 500 से अधिक कुत्तों का अनुमान लगाया गया है। आजाद स्क्वायर, रामबाग और सिविल लाइंस जैसे प्रमुख क्षेत्रों में रोजाना सैकड़ों लोगों को कुत्ते काट रहे हैं। फाफामऊ में सेल्टर होम बनाने की तैयारी है और इसके लिए जमीन भी चिह्नित हो चुकी है।
बिजय अमृत राज, पशुधन चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी, नगर निगम ने बताया, “नगर निगम की तरफ से लगातार कुत्तों की नसबंदी और एंटी-रेबीज वैक्सीनेशन लगाने का काम चल रहा है। फाफामऊ में सेल्टर होम खोलने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। जिसके लिए जमीन भी चिह्नित हो गई है। शासन से मंजूरी मिलते ही इस दिशा में काम किया जाएगा।”
पशु रोग विशेषज्ञ डॉ. सीपी सिंह कुशवाहा ने बचाव के तरीके बताए और कहा, “कुत्ते अगर गाड़ी के पीछे भागते हैं, तो हड़बड़ाने और भागने की जरूरत नहीं है। क्योंकि जितना भागेंगे और घबराएंगे कुत्ता उतना ज्यादा काटने का प्रयास करेगा।”
स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि काटने के मामलों में वृद्धि के मद्देनजर सभी सीएचसी, पीएचसी सहित कॉल्विन व बेली में पर्याप्त मात्रा में एंटी रैबीज का इंजेक्शन उपलब्ध है। नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग मामले की निगरानी कर रहे हैं और फाफामऊ सेल्टर होम को जल्द शुरू करने के इंतज़ार में हैं।
स्रोत: अमर उजाला

