प्रयागराज। प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) ने आवासीय योजनाओं में कीमतें घटाकर छह योजनाओं के कुल 465 रिक्त फ्लैटों के लिए शुक्रवार से ऑनलाइन बुकिंग शुरू कर दी है। नई व्यवस्था के तहत आवंटन प्रथम आगत-प्रथम पावत के आधार पर किया जाएगा जिससे खरीदार पोर्टल पर उपलब्ध फ्लैट चुन सकेंगे।
पहले नीलामी और लॉटरी जैसी प्रक्रियाओं से अलग यह सिस्टम लोगों को अपनी पसंद के अनुसार फ्लैट चुनने का मौका देगा। प्रथम चरण में जाह्नवी अपार्टमेंट (नैनी, चरण, I), जागृति विहार आवास योजना (कालिंदीपुरम), मौसम विहार अपार्टमेंट (कालिंदीपुरम), मानस विहार आवास योजना (नैनी), यमुना विहार आवास योजना (नैनी) और वसुधा विहार आवास योजना (कालिंदीपुरम) के फ्लैट शामिल हैं।
भुगतान और छूट की शर्तें
पीडीए ने शीघ्र पूरा भुगतान करने पर आकर्षक छूट का प्रावधान रखा है। आवंटन पत्र जारी होने के बाद पंजीकरण राशि समायोजित कर शेष राशि 45 दिनों में जमा करने पर 6 प्रतिशत, 60 दिनों में जमा करने पर 5 प्रतिशत और 90 दिनों में जमा करने पर 4 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। बल्क खरीद पर भी अलग-अलग स्लैब के अनुसार 5 प्रतिशत से लेकर 15 प्रतिशत तक की छूट निर्धारित की गई है।
सरकारी, अर्धसरकारी व सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम, कंपनी, सोसाइटी और व्यक्ति बल्क खरीद के लिए पात्र हैं। संस्थान अपने कर्मचारियों के आवास के लिए फ्लैट खरीदकर स्थायी परिसंपत्ति बना सकते हैं। सेवारत कर्मचारी कुल मूल्य का 25 फीसदी एकमुश्त भुगतान कर कब्जा ले सकते हैं और शेष अधिकतम सात वर्षों में किस्तों में दे सकते हैं। सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए 50 फीसदी एकमुश्त भुगतान पर शेष पांच वर्षों में चुकाने की सुविधा दी गई है।
पीडीए ने खरीदारों की सुविधा के लिए मॉडल फ्लैट देखने की व्यवस्था की है ताकि आवेदन करने से पहले परिसर और फ्लैट का निरीक्षण किया जा सके। मॉडल फ्लैट पर पीडीए के प्रतिनिधि मौजूद रहकर इच्छुक नागरिकों को संपूर्ण जानकारी देंगे।
नई नीति से परिवार के एक से अधिक सदस्य अलग-अलग फ्लैट खरीद सकते हैं और दोस्त या रिश्तेदार एक ही बिल्डिंग या पास के तलों पर फ्लैट लेकर साथ रहने की योजना बना सकेंगे। पोर्टल पर पहली बार ही चार हजार लोगों ने सर्च किया, जिससे बुकिंग आरंभ होते ही खरीदारों की कतार लग गई।
इच्छुक नागरिक पीडीए के पोर्टल पर जाकर उपलब्ध फ्लैटों की सूची देख कर आवेदन कर सकते हैं और भुगतान व दस्तावेज़ सम्बन्धी शर्तें पढ़कर आगे की कार्रवाई करनी चाहिए।
स्रोत: अमर उजाला

