प्रयागराज। जिस घर में पहली संतान के स्वागत की तैयारी चल रही थी, वहां अब मातम छा गया है। 24 वर्षीय वंदना देवी प्रसव के बाद और उसके नवजात दोनों की मौत सेपरिवार में कोहराम मचा है।
परिवार के अनुसार वंदना को 29 सितंबर को प्रसव के लिए फूलपुर के डॉ. पाठक मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। 30 सितंबर को ऑपरेशन के बाद नवजात बच्चे की मौत हो गई और इलाज के दौरान वंदना की हालत बिगड़ने पर दोबारा ऑपरेशन किया गया। चिकित्सकों ने रात करीब एक बजे वंदना की मृत्यु की सूचना दी।
परिवार की नाराजगी
पोस्टमार्टम के बाद जब जच्चा-बच्चा के शव आरा कला गांव स्थित वंदना के घर पहुंचे तो महिलाओं की चीख-पुकार एवं विलाप से माहौल गमगीन हो गया। परिजन मां के शव से चिपककर रोते रहे और घर में पहले किलकारी की उम्मीद जगह अब अर्थी की तैयारियाँ होने लगीं।
परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया और अस्पताल व डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने शव को हाईवे पर रखकर करीब साढ़े चार घंटे तक जाम लगाया। बाद में उनके दबाव पर अस्पताल प्रबंधन और चिकित्सकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
आगे की कार्रवाई
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम के बाद शुक्रवार शाम झूंसी के छतनाग घाट पर जच्चा-बच्चा का अंतिम संस्कार किया गया। परिजन आरोपियों की गिरफ़्तारी की मांग कर रहे हैं और घटनाक्रम से गांव में भारी रोष है।
स्थानीय लोगों और गांववालों ने कहा कि वे निष्पक्ष जांच चाहते हैं ताकि लापरवाही से हुई किसी भी त्रुटि का पता चल सके। पुलिस ने बताया कि जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
स्रोत: अमर उजाला

