सिद्धार्थनगर। मंगलवार देर रात से मौसम अचानक बदल गया और अप्रैल माह में भी जोरदार सर्द हवाओं के साथ बूंदाबांदी शुरू हो गई। यह स्थिति बुधवार को भी दिनभर बनी रही, जिससे लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया।
बूंदाबांदी और ठंडी हवाओं के चलते बाजार व सड़कों पर रौनक कम दिखी। सुबह से छिटपुट बूंदाबांदी चलती रही और धूप नहीं निकली। कई जगहों पर बीच-बीच में बारिश रुकने पर लोगों ने जरूरी काम निपटाए, लेकिन अधिकांश लोग बाहर निकलने में हिचकिचाए।
प्रभावित इलाके
जिले के खुनुवां क्षेत्र में बीती रात तेज हवा के साथ हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई। लोटन में भी हल्की बूंदाबांदी रही और वहां ज्यादातर गेहूं की फसल काट चुकी थी, इसलिए नुकसान कम बताया गया।
इटवा तहसील के कई हिस्सों में बूंदाबांदी के कारण काटी जा रही फसलों की कटाई बाधित हुई और किसानों को चिंता सताने लगी। महदेवा बाजार क्षेत्र में बीती रात तेज हवा व हल्की बूंदाबांदी के कारण खासकर आम की फसल का काफी नुकसान हुआ है।
चिल्हिया क्षेत्र में भी हल्की बूंदाबांदी हुई और वहां ज्यादातर गेहूं की फसल अभी तक नहीं कटी है। पकड़ी क्षेत्र में भी मौसम ठंडा और उमस भरा रहा। शोहरतगढ़ तहसील में बुधवार को पड़ रही बूंदाबांदी के चलते कटाई कार्य रुक गया।
किसान कह रहे हैं कि यदि तेज बारिश हो गई तो खेतों में लगी पक चुकी फसल को बड़ा नुकसान हो सकता है। फिलहाल कहीं पर भी व्यापक फसल क्षति की रिपोर्ट नहीं मिली है, लेकिन स्थानीय लोग और कृषि अधिकारी हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
जिलाधिकारी और कृषि विभाग को मौसम का हाल देखते हुए फसलों की स्थिति का सर्वे कराने और किसानों को आवश्यक सलाह देने की जरूरत होगी। लोगों से भी आग्रह है कि मौसम संबंधी सूचनाओं पर ध्यान दें और खेतों में जरूरी सुरक्षा उपाय अपनाएं।
स्रोत: अमर उजाला

