सिद्धार्थनगर। जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने वीएचएसएनडी के अवसर पर पिपरी करीमपुर (रसूलपुर) और मधुबेनिया (कल्याणपुर) का निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यक्रम की कार्रवाई और दस्तावेजों की जांच की।
निरीक्षण में जिलाधिकारी ने गर्भवतियों के रजिस्टर देखे और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के सैम-मैम बच्चों के रजिस्टर की समीक्षा की। साथ ही पोषाहार के वितरण की जानकारी भी ली गई।
निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देश
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि वीएचएसएनडी में गर्भवतियों की गोदभराई कराई जाए और अन्न-प्राशन्न कराया जाए। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और आशा कार्यकर्ताओं को कहा गया है कि वे गांव-गांव जाकर टीकाकरण से एक दिन पूर्व गर्भवतियों और बच्चों को सूचित करें।
एएनएम को विशेष निर्देश दिए गए कि किसी भी बच्चे या गर्भवती को जांच और टीकाकरण से छूटने नहीं देना है। ये निर्देश स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और टीकाकरण कवरेज सुनिश्चित करने के उद्देश्य से दिए गए हैं।
निरीक्षण के दौरान रजिस्टरों की नियमितता और पोषाहार वितरण की प्रक्रिया पर ध्यान दिया गया। अधिकारियों ने यह भी सुनिश्चित करने का कहा कि रिकॉर्ड सही ढंग से maintained रहे और समय पर सेवाएँ उपलब्ध हों।
स्थानीय आंगनबाड़ी व स्वास्थ्य कर्मियों को निर्देशों के अनुपालन की जानकारी अपने सुपरवाइज़रों को देने को कहा गया है। यह व्यवस्था क्षेत्र में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के सुचारू संचालन के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
जिलाधिकारी के ये कदम स्वास्थ्य सेवाओं के बेहतर समन्वय और टीकाकरण कार्यक्रमों में सुधार की दिशा में उठाए गए प्रयासों का हिस्सा हैं। जनप्रतिनिधियों और स्थानीय स्वास्थ्य स्टाफ को निर्देशों के मुताबिक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।
स्रोत: अमर उजाला

