अम्बेडकरनगर। अकबरपुर में बैंक जाकर 4.75 लाख रुपये ट्रांसफर करने पहुंची एक महिला को ठगी से बचा लिया गया। यह घटना 28 सितंबर को विकास भवन में स्थित पंजाब नेशनल बैंक की ब्रांच में हुई।
पीएनबी शाखा में अमिता त्रिपाठी बैंक प्रबंधक को चेक देकर रकम ट्रांसफर करने लगीं। बैंक प्रबंधक ने महिला की घबराहट और बड़ी रकम देखकर संदेह जाहिर किया और तुरंत साइबर क्राइम पुलिस थाने को सूचना दी।
ठगी का तरीका
साइबर सेल के सीओ प्रदीप सिंह चंदेल ने बताया कि महिला ने फोन पर एक व्यक्ति की बात बताई। उस व्यक्ति ने खुद को उसके पति का परिचित बताया और कहा कि वह यूके से दिल्ली एयरपोर्ट आया है। उसने कहा कि लगेज से जुड़ी परेशानी के चलते कस्टम अधिकारियों ने उसे रोका गया है और समस्या दूर करने के लिए तत्काल 4.75 लाख रुपये चाहिए।
सूचना पाकर हेड कांस्टेबल विनोद कुमार और कांस्टेबल प्रिंस कुमार यादव बैंक पहुंचे और महिला से पूछताछ की। जांच में कॉल साइबर ठगी का प्रयास निकला। रकम बैंक से ट्रांसफर होने से पहले ही रोक दी गई और ठगी नाकाम रही।
स्थानीय लोगों के लिए चेतावनी
सीओ साइबर सेल ने लोगों से कहा है कि किसी अज्ञात व्यक्ति के रिश्तेदार या परिचित बनकर विदेश में फंसने, कस्टम द्वारा पकड़े जाने या लगेज छुड़ाने के नाम पर पैसे मांगने पर बिना सत्यापन रकम न भेजें। उन्होंने साइबर वित्तीय ठगी के मामले में तत्काल 1930 पर सूचना देने या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने का निर्देश दिया।
घटनाओं से स्थानीय लोगों में सतर्कता बढ़ी है और बैंक शाखाओं में भी प्रबंधक अब बड़ी रकम के लेनदेन पर सावधानी बरतते दिख रहे हैं। अगर कोई ऐसी कॉल या संदेश प्राप्त हो तो नजदीकी पुलिस थाने या साइबर सेल को तुरंत सूचित करें।
स्रोत: अमर उजाला

