नई 'एआई' का स्टार्टअप से तकनीकी वर्ग को हो रहे फायदे के बारे में प्राविधिक विश्वविद्यालय में जानकारी दी गई।
Short Highlights
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बारे में हुई चर्चा
एकेटीयू में एक दिवसीय कार्यशाला का हुआ आयोजन
एआई' का स्टार्टअप के बारे में छात्र और छात्राओं ने पूछे सवाल
Lucknow News : एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय के इन्नोवेशन हब एवं गूगल से सहायता प्राप्त टेंसरफ्लो यूजर ग्रुप लखनऊ के तत्वावधान में एक दिवसीय जनरल एआई, समिट अवध का आयोजन किया गया। इस समिट में कुलपति प्रोफेसर जेपी पांडे के निर्देशन में विशेषज्ञों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में नवीन बदलाव के बारे में जानकारी साझा की। नई एआई का स्टार्टअप और तकनीकी वर्ग को हो रहे फायदे के बारे में बताया।
मनुष्य की बुद्धि को सहायता प्रदान कर रही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रति कुलपति प्रोफेसर राजीव कुमार ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वर्तमान में सबसे तेजी से उभरती हुई तकनीक है। एक रिपोर्ट के अनुसार 2025 तक एआई करीब बिलियन का बाजार होगा। उन्होंने कहा की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने पूरी दुनिया को बदलकर रख दिया है। यह सोने के साथ ही सीखने में निर्णय लेने में समस्याओं के समाधान में काफी कारगर होने वाली है। वर्तमान में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मनुष्य की बुद्धि को सहायता प्रदान कर रही है।
मैनेजर ने अपने विचार व्यक्त की
एसोसिएट डीन इनोवेशन डॉ अनुज कुमार शर्मा ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर होने वाले कार्यक्रमों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया गूगल की एक्टिविटी हैंड्स ओन वर्कशॉप पैनल डिस्कशन और प्रोजेक्ट भी होंगे। इस मौके पर इन्नोवेशन हब के हेड महीप सिंह मैनेजर वंदना शर्मा और रितेश सक्सेना ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में आईटी प्रोफेशनल के अलावा विभिन्न इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों ने भी प्रतिभाग किया।