बहराइच। 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले मटेरा विधानसभा क्षेत्र में जनता का मूड खोजने के लिए ‘सत्ता का संग्राम’ अभियान की टीम ने लोगों से बातचीत की। टीम ने क्षेत्र के युवाओं, व्यापारियों और ग्रामीणों से विकास, रोजगार और कानून‑व्यवस्था के मुद्दों पर राय ली।
लोगों में मौजूदा सपा विधायक के प्रति गहरी नाराजगी नजर आई। जनता का कहना है कि विकास कार्य कम हुए हैं और सड़कों की हालत खराब है। कई जगह बाजार से तीन किलोमीटर के दायरे में भी सड़कें टूटी‑फूटी मिलीं, जिससे रोजमर्रा का आवागमन प्रभावित है।
स्थानीय रुझान और शिकायतें
युवा वोटरों ने कहा कि विधायक पिछले दस साल से केवल हिंदू‑मुस्लिम के आधार पर राजनीति कर रही हैं और क्षेत्र के मुद्दे विधानसभा में ठीक से नहीं उठाए गए। एक निवासी ने यह भी कहा कि “उनका आरोप है कि विधायक 10 साल से केवल हिंदू-मुस्लिम के आधार पर चुनाव जीत रही हैं।” मतदाता अब बदलाव की उम्मीद कर रहे हैं और नए उम्मीदवार की तलाश में हैं।
पूर्व मतदान करने वाले युवाओं ने बताया कि जब तक सपा की विधायक रहेंगी, तब तक क्षेत्र का विकसित होना मुश्किल दिखता है। कई ने इस बार स्थानीय बीजेपी नेता को जिताने की इच्छा जताई। पहली बार वोट देने वाले युवाओं ने भी कहा कि उनका प्राथमिक मुद्दा विकास होगा और वे स्थानीय समस्याओं के समाधान को पहले देखेंगे।
कुछ मुस्लिम मतदाताओं ने भी अपने मतरीुख में बदलाव का संकेत दिया। मोहम्मद अशफाक ने कहा, “वे इस बार बीजेपी की तरफ जा सकते हैं।” उन्होंने योगी सरकार की नीतियों से मिलने वाले लाभ, जैसे राशन और महिलाओं की सुरक्षा का हवाला दिया।
दुकानदारों और गांव के लोगों ने बताया कि कुछ योजनाओं से फायदा मिला है, जैसे घर‑घर बिजली पहुंचना। फिर भी वे स्थानीय नेतृत्व की अनुपस्थिति और विकास की धीमी गति से चिंतित हैं। अब चुनाव से पहले प्रत्याशियों की रैलियों और स्थानीय दौरों की बढ़ती संभावना है।
आगामी महीनों में दोनों प्रमुख दल मटेरा में समर्पित जनसभाएं और क्षेत्रीय दौरे तेज करेंगे। मतदाता अब अपने स्थानीय प्रतिनिधियों से ठोस योजनाओं और सड़क‑बिजली जैसे बुनियादी कामों की मांग कर रहे हैं।
स्रोत: अमर उजाला

