लखनऊ। प्रदेश सरकार के निर्देश के बाद उत्तर प्रदेश के चार जिला सहकारी बैंकों के कर्मचारियों को वेतन वृद्धि दी गई है। यह वृद्धि अधिकतम 50% तक की बताई जा रही है और इससे संबंधित बैंक स्टाफ को सीधी राहत मिली है।
जौनपुर, बलिया, गाजीपुर और आजमगढ़ के जिला सहकारी बैंकों के कर्मचारियों को यह लाभ दिया गया है। सहकारी बैंक इंप्लाइज यूनियन ने कहा है कि बाकी जिलों के बैंक कर्मियों के वेतन पुनरीक्षण की प्रक्रिया भी जल्द पूरी होनी चाहिए।
किस जिले में क्या स्थिति है
प्रदेश के कुछ प्रमुख जिलों में वेतन पुनरीक्षण के प्रस्ताव अलग-अलग चरणों में हैं। अयोध्या और गोरखपुर जो सरकार की शीर्ष प्राथमिकता वाले जिले बताए जाते हैं, वहां का प्रस्ताव अभी बैंक प्रबंधन स्तर से आगे नहीं बढ़ा है।
दूसरे जिलों में फाइलें अलग संस्थागत स्तरों पर लंबित हैं। देवरिया, सीतापुर, फतेहपुर, सिद्धार्थनगर तथा सुल्तानपुर की फाइल मंडलीय संयुक्त आयुक्त कार्यालय स्तर पर रुकी हुई है।
यूपीएससीबी के प्रबंध निदेशक आरके कुलश्रेष्ठ ने कहा, “तीन जिला सहकारी बैंकों में वेतन पुनरीक्षण की स्वीकृति का आदेश भी जल्द जारी किया जाएगा।” इस टिप्पणी से उम्मीद जगी है कि कुछ और बैंकों के कर्मचारियों को भी निकट भविष्य में बढ़ोतरी का लाभ मिल सकता है।
संगठन और कर्मचारियों ने प्रभावित जिलों में तेजी से कार्रवाई की मांग की है। यूनियन का कहना है कि शेष 10 जिला सरकारी बैंकों में भी तय प्रक्रिया जल्द पूरी कर वेतन समायोजन कराना चाहिए ताकि असमानता दूर हो।
आगे क्या होगा
प्रबंध निदेशक के आश्वासन के बाद बैंक कर्मचारियों और यूनियन ने प्रशासन से शीघ्र आदेश जारी करने का इंतजार शुरू कर दिया है। जिन जिलों में फाइलें लंबित हैं, वहां कर्मचारियों को आधिकारिक नोटिस का इंतजार रहेगा।
स्रोत: दैनिक जागरण

