लखनऊ। लगातार दो दिन चली मूसलाधार बारिश से देश के कई हिस्सों में हालात बिगड़ गए हैं और जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। राष्ट्रीय स्तर पर मिली रिपोर्ट के अनुसार पिछले 48 घंटों में कुल 88 लोगों की मौत हुई है, जबकि उत्तर प्रदेश में 30 लोगों की जान गई है।
प्रदेश में 63 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई। बारिश और बढ़ते जलस्तर से 117 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। निचले इलाकों में जलभराव बढ़ा है और खेतों में पानी भरने से फसल प्रभावित हुई हैं। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं।
सीमावर्ती जिलों में बाढ़ का खतरा
नेपाल में लगातार हो रही बारिश के कारण प्रमुख नदियों व उनकी सहायक नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। इसका सीधा असर नेपाल से सटे उत्तर प्रदेश के जिलों पर दिख रहा है। महराजगंज, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी और पीलीभीत में बाढ़ का खतरा बढ़ने पर सतर्कता बढ़ा दी गई है।
प्रशासन ने सीमावर्ती क्षेत्रों में नदियों के जलस्तर पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए हैं। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने और प्रशासन की पीठिका का पालन करने के लिए कहा जा रहा है। राहत कार्य और संभावित निकासी की तैयारियां चल रही हैं।
दूसरे राज्यों में भी भारी बारिश का असर दिखा है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भूस्खलन और रास्ते बंद होने की घटनाएं सामने आई हैं। कई पहाड़ी क्षेत्रों में मार्ग बंद होने से लोगों को परेशानी हुई और कुछ जगहों पर मकानों को नुकसान पहुंचा है।
मौसम विभाग की भविष्यवाणियों पर नजर रखी जा रही है और आने वाले दिनों में और बारिश की संभावनाओं को देखते हुए अधिकारियों ने सतर्क रहने का संदेश दिया है। लोगों से भी कहा गया है कि वे जलभराव वाले रास्तों से दूर रहें और घरों में सुरक्षित स्थानों पर ही रहें।
राहत व बचाव कार्य जारी हैं और प्रशासन प्रभावित इलाकों में स्थिति की समीक्षा करता रहेगा।
स्रोत: प्रभात खबर

