ब्रेकिंग

बांदा: सेशन ने दांडिक निगरानी याचिका मंजूर की, परिवादी को साक्ष्य का मौका

सेशन न्यायाधीश अल्पना ने निचली अदालत का 29 जून 2026 का आदेश रद्द कर शिवविजय को साक्ष्य पेश करने का आदेश दिया।

बांदा: सेशन ने दांडिक निगरानी याचिका मंजूर की, परिवादी को साक्ष्य का मौका
फोटो: अमर उजाला

बांदा। सेशन न्यायाधीश अल्पना ने शिवविजय सिंह की दांडिक निगरानी याचिका स्वीकार कर ली और निचली अदालत का आदेश निरस्त किया। अदालत ने परिवादी को अपना साक्ष्य प्रस्तुत करने का अवसर देने के निर्देश दिए हैं।

न्यायालय ने स्पष्ट कहा है कि अब शिवविजय सिंह तय तारीख पर साक्ष्य पेश कर सकेंगे। यह याचिका सिविल जज (जूनियर डिवीजन) त्वरित प्रथम बांदा के 29 जून 2026 के आदेश को चुनौती देती थी। निचली अदालत ने उस दिन परिवादी का साक्ष्य प्रस्तुत करने का अवसर समाप्त कर दिया था।

यह परिवाद शिवभूषण सिंह, शिवभवन, कृष्णपाल सिंह, दिगपाल सिंह और रामअवतार प्रजापति के खिलाफ धारा 323, 452 और 504 के तहत दर्ज कराया गया था। परिवादी का आरोप है कि 5 जुलाई 2020 की शाम करीब सात बजे आरोपी उसके घर में घुस आए और मारपीट की। पहले परिवादी, उसकी पुत्री आकांक्षा और धीरू सिंह के बयान दर्ज हो चुके हैं।

न्यायालय के निर्देश और शर्तें

29 जून को साक्ष्य के लिए सुनवाई तय थी लेकिन शिवविजय के अनुसार वह अपनी 80 वर्षीय बीमार मां के इलाज के लिए बाहर गया था। उनके अधिवक्ता ने अदालत में स्थगन प्रार्थनापत्र दिया। निचली अदालत ने वह प्रार्थना खारिज कर दी और साक्ष्य का अवसर समाप्त कर दिया। सेशन न्यायाधीश ने दोनों पक्षों के तर्क सुनने के बाद कहा कि मामले का निपटान गुण-दोष के आधार पर होना चाहिए और परिवादी को साक्ष्य का मौका मिलना चाहिए।

अदालत ने यह भी कहा कि परिवादी को तय तिथि पर उपस्थित रहना होगा और अनावश्यक स्थगन प्रार्थनापत्र नहीं देना चाहिए। इससे यह सुनिश्चित होगा कि मुकदमा अनावश्यक रूप से लंबित न रहे।

अन्य फैसला और जुर्माना

इसके साथ ही सेशन न्यायालय ने चेक बाउंस से जुड़ी विनीता देवी की दांडिक निगरानी याचिका खारिज कर दी। यह मामला 3.40 लाख रुपये के बाउंस चेक से संबंधित है और 14 अक्तूबर 2025 के विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय, बांदा के आदेश को बरकरार रखा गया। न्यायालय ने पाया कि प्रतिपरीक्षा पहले ही हो चुकी है और याचिका वाद की कार्यवाही विलंबित करने का प्रयास थी।

एक अन्य फैसले में विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय सत्यवीर सिंह ने लापरवाही से ट्रक चलाकर दो लोगों को घायल करने के मामले में प्रवीण कुमार को दोषी ठहराते हुए कुल 2,400 रुपये का जुर्माना लगाया। यह घटना 5 सितंबर 2013 के चिल्ला थाना क्षेत्र में हुई थी।

मुकदमों के अगले चरण और तिथियों की जानकारी संबंधित पक्षों के अधिवक्ताओं से जुड़कर मिल सकेगी। परिवादी और गवाहों को अदालत में समय पर हाजिर रहने की सलाह दी जाती है।

स्रोत: अमर उजाला

अगली खबरबांदा: सात माह की गर्भवती सीमा ने घर की अटारी में फंदा लगाकर की आत्महत्याबांदा: सात माह की गर्भवती सीमा ने घर की अटारी में फंदा लगाकर की आत्महत्या
Vikas Kumar

Vikas Kumar

कई वर्षों से समाचार, योजना, रोजगार इत्यादि मामलों से जुड़े कार्यों में संलग्न।