बांदा। जनशिकायतों के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण में बांदा ने प्रदेश की आईजीआरएस रैंकिंग में छठवां स्थान पाया है। यह रैंकिंग प्रदेश के कुल 75 जिलों के बीच जारी की गई है।
आईजीआरएस रैंकिंग और कारण
जिला प्रशासन ने बताया कि शिकायतों के निस्तारण की नियमित समीक्षा रैंकिंग में सुधार का मुख्य कारण रही। साथ ही फीडबैक की निगरानी और अधिकारियों की जवाबदेही तय किए जाने से शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया तेज और प्रभावी हुई।
प्रशासन ने यह भी कहा कि शिकायतों के त्वरित निस्तारण के साथ-साथ शिकायतकर्ता की संतुष्टि पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इससे न केवल मुद्दों का समाधान हुआ बल्कि जनता की शिकायत निवारण प्रणाली पर भरोसा भी बढ़ा।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
जिला मजिस्ट्रेट ने अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रयासों की सराहना की है। उन्होंने कहा कि जनशिकायतों के निस्तारण में संवेदनशीलता और तत्परता बनाए रखना जारी रहेगा। डीएम ने प्रभावी जनसुनवाई और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण को जिला प्रशासन की प्राथमिकता में बनाए रखने के निर्देश दिए।
प्रशासन ने आगे कहा है कि रैंकिंग में और सुधार के लिए समीक्षा प्रक्रियाओं को और मजबूत किया जाएगा। फीडबैक मैकेनिज्म को और पारदर्शी बनाने और जवाबदेही सुनिश्चित करने के कदम उठाए जाएंगे।
स्थानीय लोगों ने भी शिकायत निवारण में तेजी महसूस की है। जो शिकायतें पहले लम्बे समय तक लंबित रहती थीं, उनका निपटारा अब अपेक्षाकृत तेजी से हो रहा है। इससे दैनिक समस्याओं के समाधान पर असर पड़ा है और जनता में प्रशासन के प्रति संतोष बढ़ा है।
आगामी दिनों में जिला प्रशासन ने घोषणा की है कि वह न केवल रैंकिंग बनाए रखने पर काम करेगा बल्कि और बेहतर परिणामों के लिए नई प्रणाली भी अपनाएगा। नागरिकों को भी सुझाव और फीडबैक देने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
स्रोत: अमर उजाला

