बरेली। थाना भमोरा क्षेत्र के गांव कुड्डा में 26 महीने पहले हुई रामबेटी की हत्या का खुलासा गुरुवार को हुआ। पुलिस ने हत्या के आरोप में रामबेटी के दूसरे बेटे महेंद्र को हिरासत में लेकर गिरफ्तार किया है।
रामबेटी (55) की हत्या 6 अगस्त 2024 की सुबह उनके घर के बाहर सोते समय हुई थी। शुरुआती जांच में उनका बड़ा बेटा गजेंद्र ने पड़ोस में रहने वाले तहेरे भाई नत्थू सिंह, सर्वेश, सुरेंद्र, वीरेंद्र और छोटेलाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
पांच आरोपियों पर केस और पॉलिग्राफ
विवेचना के दौरान वीरेश उर्फ बाबा का नाम भी जोड़ा गया था। भमोरा पुलिस साल भर तक मामला सुलझा नहीं पाई। बाद में एसएसपी ने एसपी दक्षिणी के नेतृत्व में विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित कर दी। जांच कैंट इंस्पेक्टर संजय धीर को सौंप दी गई।
इंस्पेक्टर संजय धीर ने नामजद आरोपियों की संलिप्तता के स्पष्ट सबूत न मिलने पर दिल्ली में सभी का पॉलिग्राफ टेस्ट कराया। उपल्ब्ध साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने उन आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया और पुलिस जांच जारी रखी।
बृहस्पतिवार की सुबह संजय धीर भमोरा थाने पहुंचे और रामबेटी के दूसरे बेटे महेंद्र को पूछताछ के लिए बुलाया। पूछताछ के बाद उसे हिरासत में ले लिया गया और आरोप साबित होने पर कैंट थाने में भेज दिया गया।
एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया, “रामबेटी की हत्या वादी पक्ष के बीच चली रंजिश को मिटाने और दूसरों को फंसाने की साजिश के तहत की गई।” उन्होंने कहा कि एसआईटी ने गहन जांच के बाद यह निष्कर्ष निकाला।
गाँव में यह खबर फैलते ही लोग हैरान हैं और परिवार के पास जांच से जुड़ी और जानकारी के लिए पुलिस से संपर्क कर रहे हैं। आगे की जांच में मामले के अन्य पहलुओं और महेंद्र की अवैध गतिविधियों की बातें सामने आ सकती हैं। पुलिस ने कहा है कि आवश्यक बयान और साक्ष्य जुटाकर अगली कार्रवाई की जाएगी।
स्रोत: अमर उजाला

