बरेली। लगातार बारिश के कारण संजयनगर श्मशान भूमि में जलभराव हो गया है और अंतिम संस्कार के लिए आ रही अर्थियों को अब दूसरे श्मशान का रुख करना पड़ रहा है। शनिवार को रेजीडेंसी गार्डन के पास चल रही एक चिता के दौरान अचानक पानी साढे नौ फुट तक पहुंच गया और चिता बुझ गई।
शुक्रवार-शनिवार की बारिश के बाद संजयनगर श्मशान भूमि में सोमवार को भी चार फुट तक पानी भरा रहा। जिले के अलग-अलग श्मशान में अर्थियों की भीड़ बढ़ गई है और शव लेकर आने वालों को सिटी व गुलाबबाड़ी व मॉडल टाउन श्मशान भूमि की ओर जाने के लिए कहा जा रहा है।
प्रभाव और शिकायतें
श्मशान भूमि के लोगों और कर्मचारियों ने नगर निगम पर पानी रेजीडेंसी गार्डन की तरफ छोड़ने का आरोप लगाया है। राजपूत परिवारों और अंतिम संस्कार में शामिल लोग परेशान हैं क्योंकि जलभराव के कारण कई अंतिम संस्कार टल गए या अन्य जगहों पर कराए गए।
राजू राजपूत ने बताया कि श्मशान भूमि में जलभराव होने के कारण लोगों को अंतिम संस्कार में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा, “शनिवार शाम को चार बजे चिता जल रही थी। अचानक रेजीडेंसी गार्डन से पानी छोड़ दिया गया। इससे चिता बुझ गई।” – महेंद्र पटेल, जनरल सेक्रेटरी, संजय नगर श्मशान भूमि
श्मशान कर्मी दिनेश कुमार ने बताया कि रोजाना 10 से 15 शव अंतिम संस्कार के लिए पहुंचते हैं। फिलहाल इन शवों को सिटी, मॉडल टाउन व गुलाबबाड़ी श्मशान भूमि ले जाया जा रहा है। – दिनेश कुमार, श्मशान भूमि कर्मी
नगर निगम ने जानकारी दी है कि दो साल पहले बनकर तैयार विद्युत शवदाह गृह अब तक चालू नहीं हो सका है। वहां वर्तमान में कचरा फेंका जा रहा है और इसी वजह से वह उपयोग के योग्य नहीं रह गया।
नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने कहा कि बगल में नाला होने के कारण जलनिकासी धीरे-धीरे हो रही है। निगम के वाहनों को लगाकर जल्द जलनिकासी सुनिश्चित की जाएगी ताकि शवों का अंतिम संस्कार फिर शुरू हो सके। – संजीव कुमार मौर्य, नगर आयुक्त
स्थानीय लोगों ने कहा कि निगम से जल्द कार्रवाई की अपेक्षा है ताकि श्मशान भूमि में पानी हटे और अंतिम संस्कार सामान्य रूप से हो सकें। अगले कुछ दिनों में जिन लोगों की अंतिम संस्कार की योजना है, उन्हें संबंधित श्मशान के निर्देशों के अनुसार जाना चाहिए।
स्रोत: अमर उजाला

