बस्ती। तीन दिन से हुई बारिश और नेपाल के पहाड़ों से आई पानी की वजह से सरयू नदी का जलस्तर तेज़ी से बढ़ा है। सोमवार को नदी इस सीजन में तीसरी बार खतरे के निशान को पार कर गई और बाढ़ प्रभावित गांवों में मुश्किलें फिर बढ़ गईं।
केंद्रीय जल आयोग के अयोध्या कार्यालय के अनुसार सोमवार शाम पांच बजे सरयू का जलस्तर 92.85 मीटर दर्ज किया गया। यह खतरे के निशान 92.73 मीटर से 12 सेंटीमीटर अधिक है। जिले में 20 से अधिक गांव बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं और पांच गांवों के घरों तक पानी पहुंच गया है।
बाढ़ से प्रभावित इलाकों का हाल
आंशिक टेढ़वा, सतहा, बलुईया, भुवरिया, विशुनदासपुर अनुसूचित बस्ती, श्रीराम पुरवा और बरदियालोहार समेत कई गांवों की ओर बाढ़ का पानी तेजी से फैल रहा है। माझा क्षेत्र की फसलें दोबारा जलमग्न होने लगी हैं और पशुपालकों को चारे की कमी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण मोटरबोट और नाव का सहारा लेकर रोजमर्रा के काम कर रहे हैं।
कटरिया-चांदपुर तटबंध पर खजांचीपुर से खलवा गांव तक करीब दो किलोमीटर क्षेत्र में नदी का दबाव बना हुआ है। तटबंध से सटकर बह रही नदी के कारण कुछ जगहों पर कटान भी शुरू हो गया है। दुधौरा और काशीपुर के पास बीडी तटबंध के पास पानी तटबंध से सटकर बह रहा है, जिससे आसपास की आबादी चिंता में है।
- प्रभावित ग्रामीण इलाकों में कन्हईपुर, खेमराजपुर, शंभूपुर, संग्रामपुर और बेतावा शामिल हैं
- लकड़ी दूबे, लकड़ी पांडेय, पकड़ी संग्राम, पकड़ी सूर्यवंश जैसे गांवों में भी जलभराव देखने को मिला
ग्रामीणों का कहना है कि इस साल यह तीसरी बार है जब बाढ़ का पानी गांवों और खेतों तक पहुंचा है। बार-बार पानी भरने से खेतों की जमीन दलदली हो गई है और फसलों को नुकसान का खतरा बढ़ गया है। नदी का कटान कई स्थानों पर नया प्रवाह मार्ग बना रहा है, जिससे कृषि भूमि और आबादी दोनों को खतरा है।
प्रतिक्रिया और आगे की कार्रवाई
बाढ़ चौकियां सक्रिय कर दी गई हैं और बाढ़ खंड के अधिकारी संवेदनशील स्थानों की निगरानी कर रहे हैं। दुधौरा के पास मरम्मत कार्य तेज कराया गया है और तटबंधों पर सतर्कता बढ़ा दी गई है। स्थानीय प्रशासन प्रभावित परिवारों की सुरक्षा और राहत कार्यों का इंतज़ाम कर रहा है।
स्रोत: अमर उजाला

