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देवरिया: 10 साल पुराने RTI विवाद में पूर्व प्रधान अखिलानंद को जमानत

अदालत ने 20-20 हजार के निजी बंधपत्र और दो जमानतदारों पर जमानत दी; गवाहों को प्रभावित न करने और देश न छोड़ने की शर्तें लगाईं।

देवरिया: 10 साल पुराने RTI विवाद में पूर्व प्रधान अखिलानंद को जमानत
फोटो: अमर उजाला

देवरिया। रामपुर कारखाना थाना क्षेत्र से जुड़े पुराने आरटीआई विवाद के मामले में पूर्व ग्राम प्रधान अखिलानंद कुशवाहा को विशेष न्यायाधीश, एससी-एसटी एक्ट काशी नाथ की अदालत ने जमानत दे दी है। मामला वर्ष 2016 में दर्ज कराया गया था और आरोपों में गाली-धमकी व सूचना के अधिकार से संबंधित दबाव बनाना शामिल है।

अखिलानंद मेहरौना के निवासी हैं और वर्ष 2010 से 2015 तक गांव के प्रधान रहे थे। शिकायतकर्ता अंबिका प्रसाद का आरोप था कि 2011 से 2015 के बीच शौचालय और पोखरियों की नीलामी के रुपये समेत 6.28 लाख रुपये से अधिक की गड़बड़ी हुई थी। उन्होंने 25 जून 2015 को डीएम को शिकायत दी और बाद में सूचना का अधिकार के तहत जानकारी मांगी।

मुकदमे की मुख्य बातें

आरोप है कि विवाद के सिलसिले में चार जून 2016 को तत्कालीन प्रधान अखिलानंद और ग्राम पंचायत अधिकारी धीरेंद्र सागर शिकायतकर्ता के घर पहुंचे और गाली देने के साथ जान से मारने की धमकी दी। शिकायतकर्ता ने पांच जून को रामपुर कारखाना पुलिस और छह जून को एसपी से शिकायत दर्ज कराई थी।

बचाव पक्ष ने अदालत में कहा कि अखिलानंद को झूठा फंसाया गया है और उनके कार्यकाल 2010-2015 के दौरान गांव में केवल 25 शौचालयों का बजट आया था, जिनका निर्माण कराया गया। बचाव ने यह भी कहा कि विभागीय जांच में क्लीन चिट मिल चुकी है और आरोपित का कोई अन्य आपराधिक इतिहास नहीं है।

अभियोग ने जमानत का विरोध किया। अदालत ने यह पाया कि अखिलानंद 11 अगस्त 2026 से अंतरिम जमानत पर थे और इस दौरान किसी शर्त का उल्लंघन का उल्लेख नहीं है।

जमानत की शर्तें और आगे की कार्रवाई

अदालत ने 23 सितंबर को जमानत मंजूर करते हुए आरोपी को 20-20 हजार रुपये के निजी बंधपत्र पर और इतनी ही राशि के दो जमानतदार प्रस्तुत करने पर रिहा किया। जमानत के साथ सुनवाई में सहयोग करने, गवाहों को धमकाने से दूर रहने और बिना कोर्ट की अनुमति के देश न छोड़ने की शर्तें लगाई गई हैं।

अब अगली सुनवाई में मुकदमे की बहस जारी रहेगी और अदालत में सबूतों पर चर्चा होगी। स्थानीय लोग मामले की प्रगति पर निगाह बनाए हुए हैं और किसी भी कानूनी सूचना के लिए संबंधित थाना से संपर्क कर सकते हैं।

स्रोत: अमर उजाला

Alok Kumar

Alok Kumar

कई वर्षों से समाचार, योजना, रोजगार इत्यादि मामलों से जुड़े कार्यों में संलग्न।