बेलसर। महाराजा सुहेलदेव पासी फेडरेशन की ओर से शुक्रवार को बेलसर के एक मैरिज लॉन में संविधान सभा के सदस्य व स्वतंत्रता संग्राम सेनानी बाबू मसूरिया दीन पासी की जयंती मनाई गई। कार्यक्रम में स्थानीय लोगों और पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया और उनके योगदान को याद किया गया।
आयोजकों ने तरबगंज विधायक प्रेम नरायन पांडेय को एक पाँच सूत्री मांगपत्र सौंपा। मांगपत्र में बहराइच-अयोध्या मार्ग का नाम महाराजा सुहेलदेव पासी मार्ग रखने जैसी कई मांगें शामिल थीं।
मांगों का ब्यौरा
आयोजन के आयोजक सुभाष रावत ने मुख्यमंत्री के नाम भेजे गए ज्ञापन में निम्नलिखित मांगें रखीं:
- बहराइच-अयोध्या मार्ग का नाम महाराजा सुहेलदेव पासी मार्ग रखना
- महान विभूतियों की सूची में बाबू मसूरिया दीन पासी की जीवनी शामिल करना
- बहराइच-वाराणसी इंटरसिटी का नाम सुहेलदेव एक्सप्रेस करना
- बहराइच का नाम सुहेलदेव नगर करना
- चित्तौरा झील को बाबू मसूरिया दीन पासी के नाम पर विकसित करना
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता राजितराम पासी ने सभा में कहा कि आजादी और संविधान के निर्माण में बाबू मसूरिया दीन पासी का योगदान महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने बताया कि ऐसे विभूतियों की पहचान और सम्मान से स्थानीय लोगों में इतिहास के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।
कार्यक्रम में रामधोख मिश्र, रवींद्र पांडेय, अनुज शुक्ल, रज्जन बाबा, रामकुमार शुक्ल, रामपाल पासी और राजू पांडेय भी मौजूद रहे। वे सभी मांगपत्र सौंपने के बाद आगे की कार्रवाई के लिए विधायक और संबंधित अधिकारियों से नितांत उम्मीद जता रहे थे।
आगे की कार्रवाई
आयोजकों ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र शुरुआत नहीं हुई तो वे आगे सामूहिक रूप से अधिकारियों से मिलने और अन्य संवादात्मक माध्यम अपनाने का निर्णय ले सकते हैं। स्थानीय लोग भी उम्मीद कर रहे हैं कि इन मांगों पर सरकार जल्द ध्यान देगी और पहल की जाएगी।
स्रोत: अमर उजाला

