गोंडा। जिले में महिलाओं और आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को बच्चों के लिए पौष्टिक आहार तैयार करने की निशुल्क ट्रेनिंग दी जा रही है। यह कार्यक्रम दीनदयाल शोध संस्थान कृषि विज्ञान केंद्र, गोपालग्राम द्वारा आयोजित किया गया है।
ट्रेनिंग का मुख्य लक्ष्य है कि महिलाएं मोटे अनाज और घर में उपलब्ध सामग्री का उपयोग कर संतुलित और स्वादिष्ट भोजन बना सकें। साथ ही आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों के माध्यम से यह जानकारी बच्चों और उनके अभिभावकों तक पहुँचाई जाएगी।
प्रशिक्षण की रूपरेखा
गृह विज्ञान विशेषज्ञ डॉ. ममता त्रिपाठी ने बताया कि यह प्रशिक्षण दो दिनों का रखा गया है। पहले दिन पौष्टिक आहार से जुड़ी जानकारी दी जाती है और अलग-अलग अनाजों में पाए जाने वाले पोषक तत्वों पर चर्चा की जाती है।
प्रशिक्षण के दूसरे दिन प्रैक्टिकल सत्र होता है जिसमें अलग-अलग व्यंजन बनाकर दिखाए जाते हैं और भाग लेने वाली महिलाएं खुद भी तैयारी करती हैं। इससे उन्हें व्यावहारिक अनुभव मिलता है ताकि वे इन व्यंजनों को घर और आंगनवाड़ी केंद्रों पर बना सकें।
कार्यक्रम में मोटे अनाज के इस्तेमाल पर विशेष जोर दिया जा रहा है। प्रशिक्षक बताती हैं कि मोटे अनाज से कई तरह के स्वादिष्ट और पौष्टिक व्यंजन तैयार किए जा सकते हैं और इन्हें बच्चों के भोजन में किस तरह शामिल करना चाहिए। पोहा को भी एक पोषक विकल्प के रूप में प्रयोग करने के तरीके बताये जा रहे हैं।
प्रशिक्षण में यह भी सिखाया जा रहा है कि बच्चों को उनकी उम्र और आवश्यकताओं के अनुसार भोजन देना चाहिए। संतुलित आहार बच्चों की शारीरिक और मानसिक वृद्धि में मदद करता है और इससे उनकी पढ़ाई व रोजमर्रा की गतिविधियों में सुधार आता है।
आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों और स्थानीय महिलाओं का कहना है कि इस प्रकार की ट्रेनिंग से घर में उपलब्ध चीजों से बेहतर पोषण दिया जा सकेगा। आगे इन कार्यकत्रियों से उम्मीद है कि वे learnt व्यंजन अपने केंद्रों और घरों में अपनाकर बच्चों तक पौष्टिक आहार पहुँचाएंगी।
स्रोत: News18

