कानपुर। गांधी जयंती के दिन जिला कारागार कानपुर नगर में तीन सिद्धदोष बंदियों को रिहा किया गया। वे अपनी मूल सजा की अवधि पूरी कर चुके थे, लेकिन जुर्माना न भर पाने के कारण जेल में ही बंद थे।
जेल प्रशासन ने बताया कि रिहा होने वाले बंदियों में थाना बिल्हौर के सरोजनी नायडू नगर खानजादा मोहल्ला निवासी शीबू उर्फ अकरम पुत्र असलम, थाना किदवई नगर की कच्ची बस्ती निवासी शनिउल्ला पुत्र स्व. अब्दुल रसीद और थाना कर्नलगंज के रेल पटरी निवासी मन्नान पुत्र गौस मोहम्मद शामिल हैं। ये तीनों मुख्य सजा पूरी कर चुके थे पर अर्थदंड जमा नहीं कर पा रहे थे।
रिहाई की कार्रवाई
समाजसेवी संस्था श्री सुभाषिनी शिवहरे फाउंडेशन ने इन तीनों बंदियों के लिए जुर्माने का भुगतान किया। फाउंडेशन के आर्थिक सहयोग से आवश्यक राशि जेल प्रशासन को जमा कराई गई और इसके बाद बंदियों को रिहा कर दिया गया।
जेल प्रशासन ने बताया कि यह कदम गांधी जयंती के मौके पर मानवीय पहल के रूप में उठाया गया। रिहाई के बाद इन बंदियों को आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कराने के बाद मुक्त कर दिया गया।
पड़ोसियों और परिजनों ने रिहा होने पर राहत की सांस ली। परिजन बताते हैं कि आर्थिक तंगी के कारण जुर्माना जमा न कर पाने से परिवार पर पहले काफी दबाव था। रिहा होने के बाद परिवार पुनः सामान्य जीवन की ओर लौटने की कोशिश कर रहे हैं।
आगे क्या होगा
फाउंडेशन के सहयोग से हुई यह रिहाई स्थानीय समाज में चर्चा का विषय बनी हुई है। जेल प्रशासन और सामाजिक संस्थाओं के बीच यह तालमेल उसी तरह की और पहल के लिए एक उदाहरण कहा जा रहा है। आगे भी जरूरत पड़ने पर ऐसे मामलों में सामाजिक सहायता की संभावना बनी रहेगी।
स्रोत: अमर उजाला

