लखनऊ। राजधानी के फैजुल्लागंज की मामा कॉलोनी कई दिनों से बाढ़ की चपेट में है और घरों में पानी घुसा हुआ है। शनिवार को जिला प्रशासन और सामाजिक संगठनों ने राहत सामग्री कॉलोनी में पहुँचायी।
क्षेत्रीय विधायक नीरज बोरा, एमएलसी मुकेश शर्मा, सांसद राजनाथ सिंह के प्रतिनिधि दिवाकर त्रिपाठी और पार्षद मान सिंह यादव दो नावों से राहत सामग्री लेकर कॉलोनी पहुंचे। बाढ़ प्रभावित इलाकों तक पहुंचाने के लिए कुल 30 नावों की व्यवस्था की गयी है और चार राहत शिविर व सहायता केंद्र बनाए गए हैं।
कॉलोनीवासी बताते हैं कि पानी के कारण खाने-पीने के सामान और साफ पानी का संकट है। रायते-रिश्तेदारों तक पहुंचना मुश्किल हो गया है और बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे। एक व्यक्ति ने कहा, ‘साहब, परिवार बहुत परेशान है। न बिजली है और न पानी। एक-एक मिनट कैसे काट रहे हैं, यह हम ही जानते हैं।’ कई लोग राहत पहुंचने की आवाज का इंतजार कर रहे थे और नाव दिखते ही छतों व दरवाजों पर खड़े लोग नीचे आने लगे।
राहत व निगरानी
डीएम विशाख जी ने संयुक्त पुलिस आयुक्त बबलू कुमार के साथ नाव से प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया और राहत कार्यों में कड़ाई के निर्देश दिए। स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने दवाओं की किट और क्लोरीन की गोलियां बाँटीं। पशुपालन विभाग ने हरे चारे व भूसा दिया और पशु चिकित्सक उपचार कर रहे हैं। नगर आयुक्त गौरव कुमार ने जल निकासी, प्रकाश व्यवस्था और फॉगिंग की जानकारी ली।
प्रभावित ग्रामीणों ने प्रशासन से अंदरूनी इलाकों तक राहत तेज करने और नाविकों के मोबाइल नंबर सार्वजनिक करने की मांग की है। कुछ कॉलोनियों में लोगों का आरोप है कि राहत केवल बाहरी हिस्सों तक सीमित है और अंदर फंसे परिवारों तक मदद नहीं पहुँच रही। सुरक्षात्मक निगरानी के लिए ड्रोन की भी माँग उठी है।
बाढ़ से आसपास के गांवों की फसलें 5 से 10 फिट तक पानी में डूबी हुई हैं। सुबह बहादुरपुर से पांच भैंसों को रस्सी से बांध कर बुजुर्ग पांचू निकालते समय भैंसों के मार्ग बदलने से वे गहरे पानी में घिर गए, पर पांचू बमुश्किल बच निकला। प्रशासन ने प्रभावितों के आवागमन और राहत पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास तेज कर दिए हैं।
सरकार और स्थानीय प्रशासन प्रभावितों को भोजन और जरूरी सुविधाएँ उपलब्ध करा रहे हैं। प्रभावित लोग आशा जता रहे हैं कि पानी जल्द कम होगा और हालात सामान्य होंगे।
स्रोत: अमर उजाला

