मैनपुरी। घरेलू एलपीजी कनेक्शन धारकों की समस्या बढ़ गई है क्योंकि लगभग 30 प्रतिशत उपभोक्ताओं ने अब तक ई‑केवाईसी नहीं करवाई। शासन ने 30 सितंबर तक की अंतिम तिथि दी थी, लेकिन कई लोग प्रक्रिया पूरी नहीं करा पाए।
ई‑केवाईसी न कराने वालों के लिए अब घरेलू सिलेंडर पहले की तरह सब्सिडी दरों पर नहीं मिलेगा। जिन उपभोक्ताओं ने प्रक्रिया पूरी नहीं की है उन्हें कमर्शियल सिलिंडर के रेट पर ही सिलेंडर खरीदना होगा। यह नियम स्थानीय एजेंसियों और वितरण कंपनियों की नई व्यवस्था के तहत लागू होगा।
प्रक्रिया और चेतावनियाँ
एलपीजी वितरण कंपनियों ने बताया है कि करीब तीन वर्ष से उपभोक्ताओं को मैसेज अथवा फोन के जरिए ई‑केवाईसी कराने के लिए कहा जा रहा था। छह माह पहले भी स्पष्ट सूचित किया गया था कि जो ग्राहक ई‑केवाईसी से वंचित रहेंगे उन्हें घरेलू सिलेंडर के लिए कमर्शियल दर ही लागू होगी। फिर भी कई कनेक्शन धारक संबंधित एजेंसी पर पहुंचकर यह प्रक्रिया पूरी नहीं करा पाए।
स्थानीय एजेंसियों ने ग्राहकों को बार‑बार बुलावा दिया। अनेक परिवारों ने बताया कि वे दस्तावेज लेकर एजेंसी गए लेकिन लंबी प्रक्रिया व कोरोना के दौरान हुई देरी से काम पूरा नहीं हो सका। एजेंसी कर्मियों का कहना है कि जिन लोगों की ई‑केवाईसी नहीं हुई, उन्हें अंतिम समय में भी सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है पर नियम के अनुसार शुल्क अलग होगा।
यह बदलाव गरीब घरों पर असर डाल सकता है क्योंकि कमर्शियल दरें सब्सिडी वाली कीमत से अधिक हैं। जिन परिवारों की आय सीमित है उनके लिए अब गैस सिलेंडर महंगा पड़ने का मतलब घरेलू खर्च बढ़ना है। कई उपभोक्ता अब एजेंसी से संपर्क कर ई‑केवाईसी पूरी कराने की सलाह ले रहे हैं।
आगे क्या होगा
जिन लोगों ने अभी तक ई‑केवाईसी नहीं कराई, उन्हें जल्द अपने नजदीकी एजेंसी कार्यालय या एलपीजी वितरण कंपनी के निर्देशित पोर्टल पर जाकर प्रक्रिया पूरी करानी चाहिए। स्थानीय एजेंसियां भी अंतिम दिनों में सहायता दे रही हैं ताकि ज़्यादा से ज़्यादा कनेक्शनधारक सब्सिडी का लाभ बनाए रखें।
स्रोत: दैनिक जागरण

