मैनपुरी। जिले में एक अधिवक्ता की तस्वीर से फर्जी इंस्टाग्राम आईडी बनाकर ठगी और बदनामी की कोशिश की गई। शिकायत मिलने पर साइबर क्राइम थाने में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
अधिवक्ता ने पुलिस को बताया कि उनकी इंस्टाग्राम डीपी से फोटो लेकर फर्जी प्रोफाइल तैयार की गई। उस प्रोफाइल पर उनकी फोटो के साथ उनके सीनियर, साथी अधिवक्ता की तस्वीर भी लगाई गई थी।
फर्जी आईडी से क्या किया गया
प्रोफाइल से अधिकारी ने कहा कि परिचितों को आपत्तिजनक संदेश भेजे गए। संदेशों के जरिए ठगी की भी कोशिश की गई। जब परिचितों ने फर्जी आईडी के संचालक से सीधे संपर्क किया तो उस समय संदेशों के आपत्तिजनक हिस्से छिपा दिए गए।
कुछ समय बाद संदिग्ध आईडी इंस्टाग्राम पर दिखाई नहीं दी। जिस तरह से प्रोफाइल बनाई और फोटो लगाईं गईं, उससे मामला गंभीर माना जा रहा है। शिकायतकर्ता ने तुरंत साइबर क्राइम थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।
डीसीपी साइबर क्राइम आदित्य सिंह ने बताया कि पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपी को जल्द पकड़ा जाएगा।
पुलिस अब सोशल मीडिया गतिविधियों की छानबीन कर रही है। इंस्टाग्राम पर बने संदिग्ध प्रोफाइल की आईपी व अन्य तकनीकी बातें जुटाई जा रही हैं। जांच में जल्द ही यह पता लगने की कोशिश होगी कि फर्जी अकाउंट किसने और कहां से संचालित किया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह के मामले पेशेवरों की छवि को नुकसान पहुंचाते हैं। वे कहते हैं कि कोई भी असामान्य संदेश मिलने पर तुरंत पुलिस या साइबर सेल को सूचित करें और किसी भी तरह की आर्थिक लेनदेन या व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें।
स्रोत: अमर उजाला

