रायबरेली। 9वें राष्ट्रीय पोषण माह एवं सेवा संकल्प अभियान के तहत शुक्रवार को बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग ने रतापुर स्थित सामुदायिक भवन में जिला स्तरीय आंगन मिलन कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में हेल्थ बेबी शो के विजेताओं और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को पुरस्कृत किया गया।
कार्यक्रम में हेल्थ बेबी शो के प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान पर आए स्वस्थ बच्चों को सम्मानित किया गया। साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों की सहायिका और कार्यकर्ताओं को भी पुरस्कार दिए गए। बच्चों और कार्यकर्ताओं की उपस्थिति में कार्यक्रम का माहौल उत्सव जैसा रहा।
पाठ्यक्रम व प्रदर्शनी
आंगनबाड़ी केंद्रों के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने पोषण गीत, समूह नृत्य और कविता पाठ किया। बच्चों ने ‘सही पोषण-देश रोशन’ विषय पर नुक्कड़ नाटक भी प्रस्तुत किया, जिसमें गर्भवती महिलाओं के पोषण, ऊपरी आहार, स्वच्छता और एनीमिया से बचाव का संदेश मिला। यह प्रस्तुति उपस्थित लोगों ने खूब सराही।
कार्यक्रम स्थल पर पोषण वाटिका, स्थानीय मोटे अनाज (मिलेट्स), हरी सब्जियों और संतुलित थाली का प्रदर्शन भी रखा गया। प्रदर्शनी में दैनिक आहार में शामिल करने योग्य विकल्प और पोषण संबंधी संदेशों को दिखाया गया ताकि परिवारों को व्यवहारिक जानकारी मिल सके।
सलोन विधायक अशोक कुमार ने कार्यक्रम में कहा, “आंगनबाड़ी केंद्र केवल पोषण केंद्र नहीं, बल्कि संस्कार और स्वास्थ्य की पहली पाठशाला हैं।” इस अवसर पर उपस्थित अधिकारी और आम लोग भी बच्चों की प्रस्तुतियों से प्रभावित बताए गए।
आगे की गतिविधियाँ
जिला कार्यक्रम अधिकारी सुरेंद्र कुमार ने बताया कि पोषण माह के दौरान जिले में अन्नप्राशन दिवस, गोदभराई कार्यक्रम, पोषण रैली, गृह भ्रमण, वजन-ऊंचाई मापन एवं पोषण चौपाल जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। ये गतिविधियाँ सीमाएँ पार कर घर-घर तक पोषण संबंधी चेतना पहुँचाने पर केंद्रित रहेंगी।
जिला स्तरीय इस आयोजन से स्थानीय आंगनबाड़ी केंद्रों की सक्रियता और बच्चे व माताओं की पोषण स्थिति पर सकारात्मक असर की उम्मीद जताई जा रही है। आगे भी ऐसे कार्यक्रम नियमित रूप से कर लोगों को पोषण के व्यवहारिक उपाए सिखाए जाएंगे।
स्रोत: अमर उजाला

