सिद्धार्थनगर। चिल्हिया में पिछले तीन दिनों से हो रही लगातार बारिश के बीच शनिवार रात बहुउद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति के भवन में पानी घुस गया और वहां रखी खाद खराब हो गई। रविवार सुबह जानकारी मिलने पर बची हुई खाद को दूसरी जगह सुरक्षित रखवा दिया गया।
समिति के सचिव विपिन सिंह ने बताया कि समिति भवन में कुल 444 बोरी यूरिया और 21 बोरी डीएपी रखा हुआ था। तेज बारिश के कारण भवन के कमरों में पानी भर गया और पानी में पड़े रहने से करीब 50 बोरी यूरिया पूरी तरह खराब हो गई। इसके अलावा 25 बोरी यूरिया का कुछ हिस्सा गल गया। कुल मिलाकर 75 बोरी यूरिया खराब हुईं।
नुकसान और बचाव
बची हुई यूरिया और डीएपी को जांच कर सुरक्षित स्थान पर रखवा दिया गया है। सचिव ने बताया कि खराब हुई खाद की जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी गई है और आगे की कार्रवाई के निर्देश मिलेंगे। समिति ने तुरंत बचाव और सुरक्षा के कदम उठाए ताकि बाकी खाद को और नुकसान न हो।
स्थानीय किसानों के लिए यह खाद महत्त्वपूर्ण होती है क्योंकि खरीफ की रोपाई और उर्वरक आपूर्ति मानसून के बाद काम में आती है। खराब खाद से किसानों को अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ सकता है और दी गई आपूर्तियों में कमी का असर खेती पर दिख सकता है।
सदस्य और स्थानीय किसान समिति के अधिकारियों से बातचीत कर रहे हैं ताकि नुकसान का आकलन पूर्ण रूप से किया जा सके। अधिकारियों से उम्मीद जताई जा रही है कि खराब हुई खाद के मुआवजे या प्रतिस्थापन के बारे में जल्द निर्देश मिलेंगे।
आगे के निर्देशों के अनुसार बची खाद को वहीं से नहीं निकाल कर सुरक्षित स्थानों पर रखा गया है और बारिश के मौसम को ध्यान में रखते हुए भंडारण व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत भी उठी है। समिति और जिला अधिकारी स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।
स्रोत: अमर उजाला

