नई दिल्ली। टेलीकॉम रेगुलेटर ट्राई ने स्पैम कॉल से परेशान ग्राहकों के लिहाज से नए नियम जारी किए हैं। नए नियमों में मोबाइल सेवाएं देने वाली कंपनियों पर जिम्मेदारी बढ़ा दी गई है और उन्हें सक्रिय कदम उठाने का आदेश दिया गया है।
ट्राई के अनुसार अब कंपनियों को ग्राहक की शिकायत का इंतजार नहीं करना होगा। अगर एआई या स्वचालित प्रणाली किसी नंबर या कॉल पहचान (CLI) को संदिग्ध स्पैमर बताती है तो कंपनियों को खुद से जांच कर आवश्यक कार्रवाई करनी होगी।
कठोर जांच और सजा
नए नियमों में यह भी कहा गया है कि अगर किसी स्रोत से पांच या अधिक संदिग्ध CLI सामने आते हैं तो उस स्रोत के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। बार-बार नियम तोड़ने वाले या निर्देशों का उल्लंघन करने वाले पर सख्त प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं।
ट्राई ने यह तय किया है कि लगातार उल्लंघन पर संबंधित संसाधनों को एक साल तक बंद रखा जा सकेगा। इस तरह की सुरक्षात्मक व्यवस्था कारोबारी नेटवर्क और ग्राहकों की सुरक्षा दोनों के लिहाज से लाई गई है।
ग्राहक क्या कर सकते हैं
नए नियमों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि ग्राहक अपनी ओर से शिकायत दर्ज करा सकते हैं। कंपनियों को एआई से मिले संकेतों के आधार पर सक्रिय होना होगा और ग्राहकों को बार-बार परेशान करने वाले कॉल पर रोक लगानी होगी।
कानूनी और तकनीकी विवरणों की व्याख्या के लिए ट्राई या संबंधित टेलीकॉम कंपनी की आधिकारिक गाइडलाइन देखी जानी चाहिए। उपयोगकर्ता अपनी कम्पनी के कस्टमर केयर या ऑनलाइन पोर्टल के जरिए शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
नियमों का उद्देश्य स्पैम कॉल की संख्या घटाना और उपयोगकर्ताओं की निजता व सुरक्षा सुनिश्चित करना है। अब यह देखना बाकी है कि कंपनियां इन नए निर्देशों को किस तरह लागू करती हैं और आम उपभोक्ताओं को किस हद तक राहत मिलती है।
स्रोत: अमर उजाला

