लखनऊ। केंद्र सरकार ने दिव्यांगजन के लिए Exempted FASTag के नियमों में बड़ा बदलाव किया है जो आज 2 अक्टूबर 2026 से लागू हो गया है। अब छूट वाले FASTag की वैधता सालाना रिन्यू की अनिवार्यता हटाकर कई वर्षों के लिए दे दी जाएगी।
नए नियमों के मुताबिक वेटिंग के प्रतिशत के आधार पर वैधता दो श्रेणियों में बांटी गई है। जिन लाभार्थियों की विकलांगता 70% से 100% के बीच दर्ज है, उनके फ्री FASTag अब सीधे 5 साल के लिए वैध होंगे। जिन लोगों की विकलांगता 40% से 70% से कम है, उनके लिए यह वैधता 3 साल रखी गई है। वैधता समाप्त होने पर रिन्यू राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क नियम, 2008 के मानदंडों के अनुसार की जाएगी।
किसे मिलेगा फ्री FASTag
टोल टैक्स में छूट का लाभ केवल उन वाहनों को मिलेगा जो खासतौर पर शारीरिक रूप से विकलांग व्यक्तियों के उपयोग के लिए डिजाइन और निर्मित किए गए हों। साथ ही वाहन का आधिकारिक रजिस्ट्रेशन भी दिव्यांगजन के नाम पर होना चाहिए। FASTag जारी और रिन्यू तभी होगा जब आवेदन के समय वैध डिसेबिलिटी सर्टिफिकेट या यूनिक विकलांगता पहचान पत्र (UDID Card) की जानकारी मेल खाती हो।
सरकार ने पुराने सालाना रिन्यू के कारण होने वाले कागजी और प्रशासनिक बोझ को कम करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया है। आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि ये बदलाव टोलिंग प्रणाली को अधिक सुलभ, पारदर्शी और यूजर‑फ्रेंडली बनाने के लिए हैं।
यह ध्यान रखें कि 3 या 5 साल की यह लंबी वैधता मुफ्त टोल की स्थायी गारंटी नहीं है। वैधता समाप्त होने पर लाभार्थी फिर से रिन्यू के योग्य होने चाहिए और आवश्यक दस्तावेज़ पेश करना होगा। रिन्यूअल के समय भी व्यक्ति का दिव्यांग श्रेणी में होना अनिवार्य रहेगा।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि दिव्यांगजन के Exempted FASTag को किसी पेड Annual Pass से न मिलान किया जाए। FASTag Annual Pass एक अलग पेड सेवा है और 15 अगस्त को लॉन्च होने के बाद एक करोड़ से अधिक लोगों ने वह वार्षिक पास ले लिया था।
लाभार्थियों को सलाह दी जाती है कि अपने UDID कार्ड और विकलांगता प्रमाण पत्र की जानकारी अपडेट रखें ताकि आवेदन और रिन्यू में किसी तरह की तकलीफ न हो।
स्रोत: NDTV

