जसवंतनगर। जिले में पिछले दिनों हुई लगातार बारिश से खरीफ फसलों को हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए प्रशासन ने सर्वे शुरू कर दिया है। राजस्व टीमों ने कई गांवों में जाकर फसलों की स्थिति का स्थलीय निरीक्षण किया।
एसडीएम अभिषेक प्रताप सिंह, तहसीलदार जितेंद्र सिंह पटेल और नायब तहसीलदार नेहा सचान ने राजस्व कर्मियों के साथ अलग‑अलग गांवों में पहुंचकर खेतों का निरीक्षण किया। एसडीएम ने जसोहन गांव में, तहसीलदार ने भेसान, रायनगर और फुलरई में तथा नायब तहसीलदार ने जगसोरा, सिरहौल और नगला छंद में फसल क्षति का दृष्टांत देखा।
किसानों से जानकारी और फिल्ड निरीक्षण
टीमों ने किसानों से बारिश के कारण फसलों को हुए नुकसान संबंधी जानकारी ली। खेतों में जलभराव और फसलें खराब हालत में पाई गईं, जिसे देखकर राजस्व कर्मियों ने प्रभावित हिस्सों का आकलन शुरू कर दिया। अधिकारियों ने राजस्व कर्मियों को नुकसान का विस्तृत आकलन करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के बाद तैयार की जाने वाली रिपोर्ट को शासन को भेजा जाएगा। रिपोर्ट के आधार पर तय किया जाएगा कि किन किसानों को किस स्तर की सहायता दी जानी है और किस इलाके में व्यापक राहत की जरूरत है। प्रशासन ने कहा है कि रिपोर्ट शीघ्र तैयार कर भेजी जाएगी।
एसडीएम अभिषेक प्रताप सिंह ने बताया कि बारिश के कारण यदि फसल में 35 प्रतिशत से अधिक नुकसान पाया जाता है तो दैवी आपदा के तहत शासन की ओर से निर्धारित नियमों के अनुसार प्रभावित किसानों को सहायता राशि उपलब्ध कराई जाती है। राजस्व टीमें गांव‑गांव जाकर फसल क्षति का आकलन कर रही हैं और अंतिम फैसला शासन के पास भेजे जाने वाली रिपोर्ट पर होगा।
किसान कह रहे हैं कि जलभराव के कारण कई खेतों की फसलें खेत में ही सड़ रही हैं और तत्काल मदद की जरूरत है। प्रभावित किसान अपने खेतों व दस्तावेजों के साथ गांव‑स्तर की राजस्व टीम से संपर्क रखें ताकि सर्वे में उनका विवरण शामिल हो सके।
स्रोत: अमर उजाला

