अलीगढ़। 3 अक्टूबर 2026 से शहर के कई निवासियों ने शिकायत की है कि जन्म‑मृत्यु प्रमाणपत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन होने के बावजूद उन्हें महीनों बाद भी दस्तावेज नहीं मिले हैं। आवेदक कहते हैं कि प्रक्रिया ऑनलाइन होने के बाद भी उन्हें नगर निगम के दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते हैं।
नगर निगम के अधिकारी दावा करते हैं कि ऑनलाइन आवेदन मिलने के बाद 30 दिन के भीतर प्रमाणपत्र जारी कर दिया जाता है। आवेदकों का कहना है हकीकत में समय सीमा से कई गुना अधिक समय लग रहा है। कई बार आवेदन किस स्तर पर लंबित है यह जानने के लिए भी निगम के पोर्टल पर जाना पड़ता है, तब भी स्पष्ट जानकारी नहीं मिलती।
ऑनलाइन सिस्टम पर तकनीकी दिक्कतें
आवेदनकर्ता शिकायत करते हैं कि साइट में बार‑बार खराबी और सर्वर डाउन रहने से प्रक्रिया ठप हो जाती है। बच्चे के जन्म प्रमाणपत्र के बिना स्कूल में दाखिला, आधार जैसी जरूरी प्रक्रियाएं अटक जाती हैं। मृत्यु प्रमाणपत्र न मिलने से बैंक, बीमा, पेंशन और संपत्ति से जुड़े कई काम भी रुके रहते हैं।
आवेदक बाबरी मंडी के फराज और जनकपुरी के आदेश गुप्ता ने बताया कि दस्तावेज जमा करने के बाद न तो साफ सूचना मिलती है और न ही कोई अंतिम तिथि। कभी जांच के लिए बुलाया जाता है, तो कभी और कागजात मांगे जाते हैं। स्पष्ट स्थिति न मिलने से एक ही काम के लिए कई बार दफ्तर आना पड़ता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ऑनलाइन सुविधा शुरू करने का उद्देश्य प्रशासनिक भार घटाना था, पर तकनीकी खामियों और पारदर्शिता की कमी के चलते लोग फिर से जगह‑जगह भटक रहे हैं। कई परिवारों के जरूरी काम भी प्रभावित हो रहे हैं।
आगे क्या होना चाहिए
आवेदक वालों का सुझाव है कि नगर निगम पोर्टल पर आवेदन की वास्तविक स्थिति, लंबित कारण और अपेक्षित समय सीमा स्पष्ट रूप से दिखाए। जिन मामलों में तकनीकी वजह से देरी हो रही है, उन्हें प्राथमिकता देने और आपातकालीन मामलों के लिए अलग तंत्र बनाने की मांग उठ रही है।
स्रोत: अमर उजाला

