लखनऊ विश्वविद्यालय दीक्षांत समारोह : शैलजा बनी गोल्डन गर्ल, आईएएस अफसर बनने का सपना

UPT | गोल्डन गर्ल शैलजा चौरसिया।

Sep 17, 2024 02:26

लखनऊ विश्वविद्यालय दीक्षांत समारोह में गणित और सांख्यिकी विभाग की छात्रा शैलजा चौरसिया गोल्डन गर्ल बनीं। शैलजा को सबसे ज्यादा दस स्वर्ण पदक मिले।

Lucnow News : लखनऊ विश्वविद्यालय में सोमवार को 67वां दीक्षांत समारोह मनाया गया। इस बार भी सर्वाधिक पदक पर छात्राओं का कब्जा रहा। दीक्षांत समारोह में कुल 198 पदकों का वितरण किया गया। इसमें 177 स्वर्ण, दो रजत, 11 कांस्य और आठ बुक प्राइज प्रदान किए गए। ⁠107 विद्यार्थियों को पदक बांटे गए। इसमें 77 छात्राएं और 30 छात्र हैं। गणित और सांख्यिकी विभाग की छात्रा शैलजा चौरसिया गोल्डन गर्ल बनीं। शैलजा को सबसे ज्यादा दस स्वर्ण पदक मिले। वहीं एलएलबी की छात्रा वैष्णवी मिश्रा नौ स्वर्ण पदक दिए गए।

सिविल सेवा में जाने का इरादा
गणित और सांख्यिकी विभाग की उत्कृष्ट छात्रा शैलजा चौरसिया गोल्डन गर्ल बनीं। इन्हें 13 पदक मिले। शैलजा को दस स्वर्ण, दो रजत और एक कांस्य पदक से सम्मानित किया गया। उन्होंने एमएससी अंतिम वर्ष में 91.58 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं। गोल्डन गर्ल शैलजा चौरसिया आईएएस अफसर बनने का सपना संजोए हुए हैं। इसलिए वह उसी दिशा में पढ़ाई के लिए आगे बढ़ेंगी। उन्होंने बताया कि हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की पढ़ाई लखीमपुर से ही की है। यहां कैलाश छात्रावास में रहती थी। पिता आशीष कुमार चौरसिया बिजनेसमैन और माता रीता नाग शिक्षिका हैं। उसकी पढ़ाई में उसकी मां और पिता का सबसे ज्यादा सपोर्ट रहा। लखनऊ विश्वविद्यालय से बीएससी पीसीएम और एमएससी गणित किया है। बीएससी में भी गणित में सबसे ज्यादा अंक लाने के लिए एक गोल्ड मेडल प्राप्त हुआ था। अभी आरबीआई और एसएससी परीक्षा की तैयारी कर रही हूं। आगे चलकर सिविल सेवा में जाने का इरादा है।

वैष्णवी बनना चाहती हैं जज
दीक्षांत समारोह में एलएलबी तीन वर्षीय पाठ्यक्रम की छात्रा वैष्णवी मिश्रा को कुल नौ पदक दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि अवध विश्वविद्यालय से संबद्ध एलबीएस पीजी कॉलेज से बीए किया है। कॉलेज में भी दो गोल्ड और सिल्वर मेडल प्राप्त हुआ है। पिता प्रभाकर मिश्रा रजिस्ट्री ऑफिस में कार्यरत हैं। माता सुनीता मिश्रा गृहिणी हैं। आगे चलकर जज बनना है। इसलिए पीसीएस-जे की तैयारी कर रही हूं।

डिग्रियां-मार्कशीट्स डिजी लॉकर में अपलोड 
इस मौके पर विश्वविद्यालय परिसर में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने की। मुख्य अतिथि के रूप में प्रसिद्ध कंप्यूटर वैज्ञानिक और शिक्षाविद् डॉ. विजय पांडुरंग भातकर ने समारोह की शोभा बढ़ाई। राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने बटन दबाकर 1 लाख 6 हजार 603 विद्यार्थियों की डिग्रियां और मार्कशीट्स डिजी लॉकर में अपलोड कीं। ⁠पहली बार मेधावी विद्यार्थियों के साथ उनके माता-पिता भी मंच पर गए। ⁠तीन लाख 40 हजार 351 एबीसी आईडी बनाई गई है। राज्यपाल ने विश्वविद्यालय और संबद्ध कॉलेजों के 11 शिक्षकों की पुस्तकों का विमोचन किया। पहली बार संबद्ध कॉलेज में समारोह का सजीव प्रसारण किया गया।

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