अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में विशेष अदालत में आरोपपत्र दाखिल होने के साथ गवाहों की सूची भी पेश की गई है। list में ट्रस्ट के तत्कालीन कोषाध्यक्ष रहे गोविंद देव गिरी का नाम शामिल नहीं है, जबकि उन्हें वर्तमान में ट्रस्ट का महासचिव बनाया गया है।
अभियोजन ने कुल 133 गवाहों की सूची कोर्ट में दी है। सूची में ट्रस्ट के पूर्व लेखाधिकारी महिपाल सिंह का नाम 51वें क्रम पर रखा गया है। सूची में पूर्व ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र को 17वें, पूर्व महासचिव चंपत राय को 18वें और गोपाल एम. नागरकट्टे को 19वें क्रम पर बनाया गया है।
अदालत में पेश आरोपपत्र और गवाह
विवेचक आशुतोष तिवारी ने 23 सितंबर को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विशेष अदालत में सभी आठ आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था। आरोपपत्र के साथ ही 133 गवाहों की विस्तृत सूची भी अदालत को दी गई।
गवाहों की यह सूची मामले की जांच और सबूतों की पेशेवर तरीके से क्रमबद्ध व्यवस्था को दर्शाती है। सूची में शामिल नामों के क्रम से यह संकेत मिलता है कि किसे प्राथमिक गवाह माना गया है और किसे बाद में बुलाया जा सकता है।
गोविंद देव गिरी के गवाहों की सूची में न होने से इलाके में चर्चा रही। गिरी पहले ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष रहे थे और अब महासचिव पद पर हैं। उनके न होने का कोई आधिकारिक कारण आरोपपत्र में स्पष्ट नहीं किया गया है।
मामले की सुनवाई और गवाहों के बयानों के आधार पर आगे की कार्यवाही होगी। लोकल लोगों का कहना है कि अदालत में पेश दस्तावेजों से मामले की दिशा स्पष्ट होगी और जल्द ही तफ्तीश के अगले चरण शुरू हो सकते हैं।
अब अदालत गवाहों की तिथियाँ तय करेगी और आवश्यक तर्क‑तथ्यों के साथ मामले की आगे की सुनवाई जारी रहेगी। पाठक संबंधित विकास के लिए अदालत की कार्यवाही पर नजर रखें।
स्रोत: अमर उजाला

