सीतापुर। जिले में बीते 24 घंटे से हो रही तेज बारिश और हवा से कई जगहों पर कच्चे-पक्के मकान ढहे और पेड़ गिरे। हादसों में एक बच्चे सहित कुल छह लोगों की मौत हुई और आठ ग्रामीण घायल हुए हैं।
बरसात के कारण शहर में जलभराव हो गया है। कई मोहल्ले पानी में डूब गए और प्रमुख रास्तों से पानी निकालने के लिए पंपिंग सेट लगाए गए। पेड़ गिरने व दीवारों के ढहने से कई जगह आवागमन बाधित रहा।
मुख्य घटनास्थल और मृतक
महोली के नरनी गांव में दिव्यांग महिला शांति देवी (60) के घर की कच्ची दीवार व छप्पर गिरने से उनकी मौत हो गई। महमूदाबाद तहसील के माल सराय में ईंट की दीवार भरभराकर गिरने से सूर्यांश (4) और शिवांश (8) मलबे में दब गए। अस्पताल ले जाने पर सूर्यांश को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि शिवांश को गंभीर अवस्था में लखनऊ के ट्रॉमा सेंटर भेजा गया।
मुद्रासन के नवापुरवा मजरा में माधव लाल (60) की घर की कच्ची दीवार गिरने से मौत हुई। रामपुर मथुरा के गौरा गांव के कांशीरामपुरवा निवासी ऊषा देवी (45) छप्पर के नीचे दबने से मरीं। बहलोलनगर निवासी सायमा (23) की डूबने से मौत हुई है।
तीव्र हवा में पेड़ गिरने से भी भारी नुकसान हुआ। सरोजनी वाटिका में पेड़ गिरने से रेलिंग टूट गई और डालडा मिल के पास पीपल का पेड़ गिरने से महोली मार्ग का एक लेन घंटों बंद रहा। पतारा कला में तीन आवास ढहने और पांच घरों की दीवारें गिरने की भी खबरें हैं।
कई गांवों में कच्ची दीवारें गिरने से लोग घायल हुए और कुछ परिवार बेघर हो गए। मोहनापुर मजरा बम्हेरा में कई कच्चे मकान व दुकानें धराशायी हुईं। सिधौली व काशीपुर में कच्ची दीवारें गिरने से महिलाएं घायल हो गईं और उन्हें सीएचसी में भर्ती कराया गया।
प्रशासनिक और राहत टीमें प्रभावित इलाकों में पहुंची हैं। लेखपालों को जांच के लिए भेजा गया है और मलबा हटाकर बचाव व राहत कार्य किए जा रहे हैं। लोगों से सुरक्षित स्थान पर रहने और जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने की अपील की जा रही है।
स्रोत: अमर उजाला

