बहराइच। शहर के सिविल लाइंस इलाके के अवध कैलाश होटल के कमरे में पिंकी और रिंकू के शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई थी। पोस्टमार्टम शुक्रवार देर शाम हुआ, लेकिन पिंकी को उसके परिजन घर ले जाने से इनकार कर बैठे।
पुलिस ने जानकारी दी कि पोस्टमार्टम के बाद शव सौंपने की औपचारिकता पूरी की गई। परिजनों में पिंकी के पति विजय शर्मा ने पत्नी का शव नोएडा ले जाने से मना कर दिया। इसके बाद पुलिस कर्मियों ने अपने वाहन से शव त्रिमुहानी घाट पहुँचाकर अंतिम संस्कार कराया। पिंकी को कंधा नहीं मिला, पर मुखाग्नि पति विजय ने दी।
मृत्यु से पहले के हालात
पुलिस जांच में यह बात सामने आई कि पिंकी 14 सितंबर को गौतमबुद्धनगर से घर से निकली थी। उसके पति विजय के अनुसार पिंकी के साथ श्रावस्ती निवासी रिंकू भी था। दोनों 22 सितंबर को बहराइच पहुँचे और अवध कैलाश होटल में कमरा लिया था।
30 सितंबर को उस ही कमरे में दोनों के शव पाए गए थे। कमरे से किसी तरह का सुसाइड नोट पुलिस को नहीं मिला। घटनास्थल की प्रारंभिक जांच जारी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है ताकि मृत्यु का कारण तय किया जा सके।
इस बीच दोनों के आत्महत्या से ठीक पहले की एक रील भी सामने आई है, जिसमें आवाज सुनाई देती है, “अब आज के बाद कोई नहीं पूछेगा, कहां थी, किसके साथ थी…….कोई नहीं…..।” यह रील सोशल मीडिया पर वायरल हुई है और जांच के लिए पुलिस को उपलब्ध कराई गई है।
विजय का कहना है कि रिंकू अगस्त में उनके मकान के सामने किराये पर रहने आया था और घर आते‑जाते रहने लगा। पिंकी ने उसे मुंह बोला भाई बताया था। विजय ने दावा किया कि रक्षाबंधन के मौके पर पिंकी ने रिंकू को राखी भी बाँधी थी।
विजय ने आगे कहा कि 30 सितंबर को रिंकू ने पिंकी को वापस भेजने के लिए 80 हजार रुपये मांगे थे और उसके बाद दोनों के मोबाइल बंद हो गए। कुछ घंटे बाद होटल के कमरे में दोनों के शव मिलने की सूचना आई। पुलिस मुकदमा दर्ज कर घटना की विस्तृत जांच कर रही है।
जिले की पुलिस ने कहा है कि जांच जारी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। परिजन या जो भी इस घटना से जुड़ी जानकारी रखते हों, वे नज़दीकी थाना में सूचना दे सकते हैं।
स्रोत: अमर उजाला

