बाराबंकी। शासन ने चिकित्सा प्रतिपूर्ति बिलों की नई व्यवस्था लागू कर दी है। अब सभी चिकित्सा प्रतिपूर्ति बिल केवल ऑनलाइन तरीके से स्वीकार किए जाएंगे और ऑफलाइन व्यवस्था 30 सितंबर से बंद कर दी गई है।
बिलों को लेने और स्वीकृति के लिए विभागीय पोर्टल janhit.dgmphup.in शुरू किया गया है। सीएमओ डॉ. रंजन गौतम ने बताया कि चिकित्सा प्रतिपूर्ति से जुड़े सभी प्रकार के बिल अब इसी पोर्टल पर अपलोड कर के ही लिए जाएंगे।
नई व्यवस्था के प्रमुख बिंदु
पहले हर महीने लगभग 200 से 250 चिकित्सा प्रतिपूर्ति बिल स्वास्थ्य विभाग के पास स्वीकृति के लिए पहुंचते थे। इन बिलों के पास कराने के लिए संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी बार-बार स्वास्थ्य विभाग के चक्कर लगाते थे। इससे समय और श्रम दोनों की बर्बादी होती थी।
- ऑफलाइन व्यवस्था समाप्त होने की तिथि: 30 सितंबर
- नया विभागीय पोर्टल: janhit.dgmphup.in
- पहले आने वाले बिलों की संख्या: 200-250 प्रति माह
ऑनलाइन प्रणाली से प्रक्रिया तेज होगी और कर्मचारियों को सुविधा मिलेगी। बिल पहले पोर्टल पर अपलोड किए जाने के बाद ही स्वीकार किए जाएंगे। इससे पारदर्शिता और कार्यकुशलता में भी वृद्धि की उम्मीद जताई जा रही है।
नियमित कर्मियों को इस ऑनलाइन प्रक्रिया के उपयोग के लिए प्रशिक्षण दिया जा चुका है। प्रशिक्षण सत्रों में बिल अपलोड करने और पोर्टल पर ट्रैकिंग करने की पूरी प्रक्रिया समझाई गई।
असर और आगे की तैयारी
ग्राम‑वार और विभागीय स्तर पर अब कर्मचारियों को बिल के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी होगी। इससे समय की बचत होगी और भुगतान की प्रक्रिया में देरी कम होने की संभावना है। स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि किसी भी तकनीकी समस्या के लिए संबंधित अधिकारी मार्गदर्शन उपलब्ध कराएंगे।
स्रोत: अमर उजाला

