बाराबंकी। तेज हवा व बारिश के बाद जिले में बिजली आपूर्ति व्यवस्था गंभीर रूप से प्रभावित हुई है और 925 से अधिक गांवों में आपूर्ति ठप है। जिले के देहात में करीब सात लाख की आबादी बिजली, पानी और मोबाइल नेटवर्क की समस्याओं से जूझ रही है।
मुख्य लाइनों पर गिरे पेड़ों को हटाकर कई फीडरों को चालू कर दिया गया है, लेकिन देहात में व्यापक समस्या बनी हुई है। फतेहपुर क्षेत्र में पोल व लाइनें क्षतिग्रस्त होने से 300 गांवों में आपूर्ति बाधित है। रानीगंज फीडर के 70 गांवों व डूड़ी फीडर के 50 गांवों में चार दिन से बिजली नहीं आ रही है।
प्रभावित इलाके और स्थिति
गणेशपुर ओल्ड फीडर के 50 गांव, त्रिलोकपुर उपकेंद्र से जुड़े 96 गांव और मसौली उपकेंद्र के अनेक गांवों में भी आपूर्ति ठप है। बाबागंज विद्युत केंद्र से जुड़े ढाई सौ गांवों में अभी तक बिजली बहाल नहीं हो सकी है। धौरहरा गांव के पास ट्रांसफार्मर लगा पोल गिर गया है, जिससे क्षेत्र में और परेशानी आई है।
देवा के कैथी गांव निवासी रामजीत ने बताया कि एचटी लाइन का पोल टूटने से तीन दिनों से आपूर्ति ठप है। सिहाली निवासी रमेश ने कहा कि मोबाइल तक बंद पड़े हैं। स्थानीय निवासी रामू ने बताया कि पानी की टंकी खाली हो गई है और मोबाइल डिस्चार्ज हो गए हैं। मुन्नू ने कहा कि पानी और मोबाइल चार्जिंग के लिए तरसना पड़ रहा है।
अधिशाषी अभियंता घनश्याम त्रिपाठी ने कहा, “कर्मचारी लगातार मरम्मत के काम कर रहे है।” एसडीओ अमर जीत वर्मा ने बताया कि क्षतिग्रस्त खंभों और तारों को सही कराने का काम जारी है। अवर अभियंता राज मौर्य ने कहा कि टूटे खंभों को बदलने का काम चल रहा हैं।
जेई विवेक मिश्रा ने बताया कि जल्द ही आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। जेई अजीत यादव ने कहा कि एचटी लाइन ठीक कर ली गई है, बाकी लाइन की मरम्मत तेजी से चल रही है। अधीक्षण अभियंताभविष्य कुमार सक्सेना ने बताया कि टीमें लगातार मरम्मत में जुटी हुई हैं और काफी हद तक मुख्य लाइनों को चालू कर दिया गया है।
स्थानीय लोगों को फिलहाल पानी भरने और मोबाइल चार्ज करने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है। विद्युत विभाग ने कहा है कि प्राथमिकता के आधार पर फीडरों की मरम्मत की जा रही है और प्रभावित ग्रामीणों से संयम बरतने की अपील की गई है।
स्रोत: अमर उजाला

