बिजनौर। शहर में प्रदूषण विभाग के साफ हवा के दावों के बीच नंगी हकीकत सामने आई है। शुक्रवार को डीएम आवास की तरफ टीम ने फोन पर एक्यूआई जांच की तो एक्यूआई 158 दिखा, जिससे इलाके में धूल से हवा खराब नजर आई।
जजी चौराहा से लेकर रोडवेज बस स्टैंड तक सड़कों की हालत बदतर है। कई जगह गड्ढे भरने के लिए मिट्टी और बजरी डाल दी गई हैं, पर उन पर पानी नहीं छिड़का गया और न ही तारकोल कराया गया। वाहनों के आवागमन से दिन में सड़क पर धुएं जैसी धुंध छा जाती है और राहगीरों को निकलना दुभर हो गया है।
राहगीरों और मरीजों की मुश्किलें
धूल के चलते अस्थमा रोगियों की परेशानी बढ़ रही है और आंखों में एलर्जी की शिकायतें बढ़ी हैं। राहगीर नृपेंद्र देशवाल ने कहा कि “सड़कों पर उड़ रही धूल से आंखों में एलर्जी की समस्या हो गई है। इसका जल्द समाधान होना चाहिए।” वहीं राहगीर राहुल राजपूत ने बताया कि “जजी चौराहे से रोडवेज बस स्टैंड के पास तक सड़क बहुत खराब है। यहाँ से गुजरना दूभर रहता है।”
अधिवक्ता राजीव धीमान ने कहा कि वे रोजाना इसी रास्ते से आते हैं और गड्ढों में मिट्टी डालने से स्थिति और खराब हुई है, “धूल की वजह से आंखें तक नहीं खुल पाती हैं।” अधिवक्ता वरुण कुमार ने भी नगीना मार्ग व रोडवेज बस स्टैंड की ओर के मार्ग की मरम्मत की मांग की।
प्रशासन का वर्जन और कार्रवाई
क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड गिरीश चंद्र आर्या ने कहा, “सड़क पर मिट्टी डालने पर लगातार पानी का छिड़काव होना चाहिए। डीएम आवास की तरफ बढ़े एक्यूआई की मॉनिटरिंग कराई जाएगी। साथ ही संबंधित विभाग को सड़क पर पानी छिड़काव के लिए पत्र लिखा जाएगा।”
नगर पालिका के अवर अभियंता यशवंत सिंह ने आश्वासन दिया, “जल्द ही सड़क का निर्माण कराया जाएगा। टेंडर आमंत्रित किया गया है। धूल उड़ने की समस्या के समाधान के लिए पानी का छिड़काव कराया जाएगा।”
स्रोत: अमर उजाला

