बिजनौर। सोमवार को काली पट्टी बांधकर विरोध करने आए कांग्रेस कार्यकर्ताओं को कलक्ट्रेट परिसर से बाहर निकाल दिया गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच नोकझोंक भी हुई।
कांग्रेस के जिलाध्यक्ष हैनरीता राजीव सिंह की अगुवाई में जिला कार्यालय पर जमा हुए लोग नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट में दाखिल हुए। कलक्ट्रेट परिसर में धरना-प्रदर्शन पर पाबंदी होने के कारण पुलिस ने उन्हें परिसर से हटाया।
पुतले जलाने का प्रयास रोका
कलक्ट्रेट से बाहर आने के बाद एक गाड़ी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के पुतले बाहर निकाले गए। वहां मौजूद लोगों ने पुतले जलाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने पुतले छीन लिए और उसे जलने से बचाया।
इसके बाद कांग्रेसियों ने विकास भवन तक जाकर विरोध प्रदर्शन जारी रखा। उन्होंने एसआईआर और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी शिकायतें रखीं।
ज्ञापन में कांग्रेसियों ने कहा कि दो निर्वाचन आयुक्तों ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार द्वारा लिए गए निर्णयों पर 14 बार औपचारिक आपत्ति दर्ज की है। आरोप है कि एसआईआर प्रक्रिया के जरिए नए मतदाता जोड़ने और कुछ मतदाताओं के नाम हटाने जैसे कार्य अनधिकृत तरीके से किए गए।
कांग्रेस ने यह भी कहा कि निर्वाचन आयोग की आईटी प्रणाली को दिल्ली केंद्रित किया गया और दोनों निर्वाचन आयुक्तों को इससे जुड़ी जानकारी से दूर रखा गया। उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ व्यापक और स्वतंत्र समीक्षा कराने की मांग की।
प्रदर्शन में महेश कुमार, निजामुद्दीन, योगेंद्र कुमार, हुमायूं बेग, वसीम अकरम और मोहम्मद हनीफ समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। अब देखना यह है कि पुलिस और प्रशासन इस मामले में आगे क्या कार्रवाई करते हैं और चुनावी आयोग को दिए गए पत्र पर क्या प्रतिक्रिया मिलती है।
स्रोत: अमर उजाला

