एटा। यूपीआई पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) लागू करने के प्रस्ताव के विरोध में शुक्रवार को नगर के व्यापारियों ने उठ खड़े हुए। घंटाघर पर दोपहर में एक बजे बड़ी संख्या में व्यापारी इकट्ठा हुए और यूपीआई भुगतान का बहिष्कार करने का ऐलान किया।
प्रदर्शन में व्यापारियों ने यूपीआई ट्रांजेक्शन बंद कर केवल नकद लेनदेन करने का निर्णय लिया। उन्होंने हाथों में “नो यूपीआई सिर्फ कैश” के पर्चे रखे और केंद्र सरकार से प्रस्तावित 0.4 प्रतिशत एमडीआर को तत्काल वापस लेने की मांग की।
आयोजक और मौजूद लोग
भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष बाबूलाल और राष्ट्रीय महामंत्री मुकुंद मिश्रा के संयुक्त आह्वान पर एटा उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारी और व्यापारी एकजुट हुए। अध्यक्ष अतुल राठी के नेतृत्व में व्यापारियों ने प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन में अशोक सर्राफ, कल्लू मियां, राकेश वार्ष्णेय आरके ज्वेलर्स, डेविड जैन, कैलाश जैन, अमित गुप्ता, राहुल वार्ष्णेय बॉबी, संजीव वार्ष्णेय, संजीव जैन, उमेश प्रताप सिंह चौहान, आनंद सर्राफ, नेवी जैन, साबिर मियां समेत कई व्यापारी शामिल रहे।
व्यापारियों ने बताया कि डिजिटल भुगतान आज व्यापारिक लेनदेन का महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है। उनके अनुसार यूपीआई पर एमडीआर लागू होने से व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा और छोटे विक्रेताओं को खासा नुकसान होगा।
धरने के बाद व्यापार मंडल के पदाधिकारी और सदस्य जुलूस के रूप में नगर के प्रमुख बाजारों में गए। उन्होंने वहां मौजूद अन्य दुकानदारों से भी यूपीआई भुगतान का बहिष्कार करने की अपील की और प्रस्तावित शुल्क के विरोध में नारे लगाए।
अब व्यापार मंडल इस मांग को लेकर आगे क्या कदम उठाएगा, इस बारे में स्थानीय पदाधिकारी और व्यापार संघ मिलकर चर्चा करेंगे। प्रभावित ग्राहक और दुकानदार दोनों को भविष्य में भुगतान के विकल्पों के बारे में सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
स्रोत: अमर उजाला

