कमालगंज। 132 केवी भोलेपुर उपकेंद्र से कस्बे को जाने वाली 33 केवी लाइन में शुक्रवार रात करीब 3:35 बजे फाल्ट आने से उपकेंद्र ठप हो गया और बिजली आपूर्ति बंद हो गई। इससे कस्बा के साथ गदनपुर तुर्रा, कोहरापुर, खुदागंज, कैंटाह के ग्रामीण इलाकों और पीटीडब्ल्यू फीडरों की बिजली चली गई।
बिजली न चल पाने के कारण करीब 150 गांव अंधेरे में रहे। शनिवार सुबह करीब 11 बजे बिजली विभाग की टीम फाल्ट खोजने निकल पड़ी। तेज बारिश और तेज हवा के बीच भोजपुर बघार के पास 33 केवी लाइन पर पेड़ की टूटी डाली पड़ी मिली। याकूतगंज के पास भी लाइन पर पेड़ की डाल का हिस्सा मिला।
मरम्मत और बहाली के क्रम
टीमों ने पेड़ की डालें हटाकर तारों को बांधा और मरम्मत का काम किया। दोपहर 2:15 बजे 33 केवी लाइन की मरम्मत के बाद उपकेंद्र चालू किया जा सका और आधे घंटे बाद कस्बे की आपूर्ति फिर शुरू की गई। पर कुछ देर बाद महरूपुर राबी के पास 11 केवी लाइन पर फिर पेड़ की डाल गिरने से नया फाल्ट आ गया।
उस फाल्ट की भी मरम्मत कर के शाम 5:30 बजे कस्बे की लाइन चालू कर दी गई। लेकिन शाम छह बजे तक ग्रामीण क्षेत्र के कई फीडरों में आपूर्ति पूरी तरह बहाल नहीं हो सकी। विभाग की टीमें अब भी ग्रामीण फीडरों में फाल्ट खोजने और मरम्मत करने में लगी हुई हैं।
कयमगंज क्षेत्र में भी तेज हवा-सह बारिश के कारण बिजली व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित रही। रात 10 बजे 33 केवी लाइन में फाल्ट आने के बाद तकनीकी टीम पेट्रोलिंग करती रही। शनिवार को 132 केवी लुधईया उपकेंद्र की सीटी में खराबी मिलने से समस्या और बढ़ गई थी। ग्राम नीवलपुर में बरझाला फीडर की लाइन पर गिरे पेड़ से खंभा टूटने की भी सूचना मिली।
बिजली न होने से ग्रामीणों के इन्वर्टर और मोबाइल चार्ज बंद हो गए। दुकानें और छोटे व्यवसाय प्रभावित हुए। मोटरें न चलने से पेयजल संकट गहरा गया। अधिशासी अभियंता शिवशंकर ने बताया कि 33 केवी लाइन का फाल्ट ठीक कर दिया गया है और 11 केवी लाइनों की जांच कराई जा रही है।
बिजली विभाग ने कहा है कि शेष फीडरों की खराबी जल्द ठीक कर के आपूर्ति पूरी तरह बहाल कर दी जाएगी। नागरिकों से अनुरोध किया गया है कि मरम्मत के दौरान विभागीय कर्मियों को सहायता दें और लाइन के पास न जाएं।
स्रोत: अमर उजाला

