फर्रुखाबाद। मूसलाधार बारिश के बाद सातनपुर, भोपतपट्टी और बगिया मोहल्लों में बुरी तरह जलभराव हो गया है। रविवार को बढ़पुर तालाब का पानी अंडरपास से होकर सातनपुर के खेराताल में पहुँच गया, जिससे हालात तबाह जैसे हो गए।
रिपोर्ट के मुताबिक तीनों इलाकों में कम से कम 60 से अधिक मकानों में पानी भर गया है और लगभग 150 मकान टापू बन गए हैं। अंडरपास की मुख्य सड़क के दोनों ओर बने मकानों में तीन-तीन फीट तक पानी जमा होने की जानकारी मिली है।
प्रभाव और लोग फंसे
क्रिश्चियन मैदान की ओर भोपतपट्टी और बगिया के पूरे इलाके में करीब 50 मकानों में पानी घुसा हुआ बताया गया है। कई परिवार सड़क किनारे और क्रिश्चियन मैदान में समय काट रहे हैं जबकि कुछ परिवार ऊपरी मंजिल पर रहने को मजबूर हुए हैं। सातनपुर में अजय यादव, सनी यादव, राम देवी, आज्ञाराम, लल्ले गुप्ता, मौजी और धीरेंद्र सिंह के दो-दो मकानों में पानी घुसा है।
बढ़पुर तालाब से शहर के आवास विकास, क्रिश्चियन ग्राउंड की ओर वाली बस्ती और किसानन नगला समेत बड़े हिस्सों का पानी आता है। पानी रेलवे के अंडरपास से होकर सातनपुर के खेराताल में आ गया। वहां का खेराबंद करीब 15 साल बाद पहली बार पूरी तरह भरा देखा गया है।
कांशीराम कॉलोनी में नाला कटने से घरों में पानी भरा रहा और गलियां पानी से लबालब रहीं। कॉलोनी में शुक्रवार शाम तीन बजे बंद हुई बिजली आपूर्ति 48 घंटे बाद रविवार शाम तीन बजे बहाल हुई।
अंडरपास बंद होने से लोगों को बढ़पुर आने के लिए चार किमी चक्कर लगाना पड़ रहा है। अब लोग आईटीआई चौराहा, लालगेट और रोडवेज बस अड्डा होकर बढ़पुर पहुँचते हैं। वह दूरी सामान्य दिनों में पांच मिनट में पूरी हो जाती थी, वहीं अब घूमकर आने में 45 मिनट लग रहे हैं।
जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का हेलीकॉप्टर सातनपुर के खेराताल में हेलीपैड बनाकर उतरा था, उस स्थान पर भी रविवार को करीब 10 फीट तक पानी भरा हुआ था। फिलहाल पानी निकालने के कोई व्यवस्थित इंतजाम नहीं दिखे हैं और स्थानीय लोग राहत व निकासी की व्यवस्था की मांग कर रहे हैं।
स्रोत: अमर उजाला

