लखनऊ। मैदान से लेकर पहाड़ तक भारी बारिश और बर्फबारी के चलते उत्तर प्रदेश सहित समूचे क्षेत्रों में मौसम का कहर जारी है। दिल्ली में पहाड़ों पर हुई बर्फबारी के असर से 18 साल की सबसे सर्द रात दर्ज की गई।
राजस्थान और गुजरात के मिलकर नौ श्रद्धालु, जो चोरी‑छिपे किन्नौर से कैलाश यात्रा पर गए थे, प्रशासन ने रेस्क्यू कर लिया है। रोहतांग दर्रा और कुल्लू, किन्नौर व स्पीति की ऊँची चोटियों पर बर्फबारी हुई, जिससे यातायात व यात्रा प्रभावित हुई।
पहाड़ों में फंसे पर्वतारोही और स्थानीय असर
उत्तरकाशी में लगातार बर्फबारी के कारण 136 पर्वतारोही ट्रैकिंग के दौरान बेस कैंप और अन्य स्थानों पर फंसे पाए गए। अधिकारियों ने बताया कि सभी 136 पर्वतारोही सुरक्षित हैं। गंगोत्री ग्लेशियर की चोटियों सहित उच्च हिमालयी पास पर भी बर्फबारी जारी रही।
मैदानी इलाकों में भी तेज बारिश और हवाओं से जनजीवन प्रभावित हुआ। सड़कों पर जलभराव और कुछ क्षेत्रों में पेड़ों के गिरने की खबरें आईं। कई इलाकों में बिजली आपूर्ति में भी व्यवधान की सूचना मिली है, जिससे स्थानीय लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
नेपाल में भी हालात गंभीर
नेशनल डिसास्टर रिस्क मैनेजमेंट ऑथोरिटी ने कहा कि देश के 77 में से 49 जिलों में अचानक बाढ़ व भूस्खलन का खतरा है। लगातार बारिश से नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है और आधे से अधिक जिले बाढ़ के उच्च जोखिम में बताए गए हैं। स्थानीय प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
स्थानीय ग्रामीण और शहरों के लोग प्रभावित हुए हैं। खेतों और घरों में पानी भरने की शिकायतें सामने आईं। व्यापार और दैनिक कामकाज ठप होने से लोग परेशान हैं और कई जगह राहत व बचाव कार्य जारी हैं।
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी तेज हवाओं और बारिश की संभावना जताई है। लोगों से कहा गया है कि अनावश्यक यात्रा टालें और नदी नदियों के पास न जाएँ। प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमों ने सतर्कता बरतने और गंभीर स्थिति में मदद के लिए संपर्क बनाए रखने को कहा है।
स्रोत: अमर उजाला

