फर्रुखाबाद। तीन दिन तक रुक-रुक कर हुई बारिश ने कमालगंज और आसपास के क्षेत्रों के किसानों की मुश्किलें बढ़ा दीं। धान और बरसाती मक्का की तैयार फसलें गिर गईं और कई खेतों में पानी भर गया है।
कई जगहें ऐसी हैं जहां धान जमीन पर बिछ गया या कटी फसल पानी में डूब गई। ताजपुर में किसान चंद्रप्रकाश की 30 बीघा धान की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई। उन्होंने बताया कि यह फसल डेढ़ लाख की लागत पर उगाई गई थी।
किसानों के नुकसान और प्रभावित इलाके
ताजपुर के ही किसान कुमदेश वर्मा की आठ बीघा मक्का तैयार थी, लेकिन अब भुंटा सहित पूरा मक्का जमीन पर बिछ गया है। दरौरा क्षेत्र के बिंजी निवासी मनोज यादव ने कहा कि छोटे से गांव में दस किसानों ने धान की फसल की थी, सभी खेतों में पानी भरा है, फसल गिर गई है।
ककरैया के उन्नतिशील किसान व बीज उत्पादक शरद कुमार ने कहा, “40 साल में उन्होंने इतनी बारिश और फसलों की बर्बादी नहीं देखी।” रजीपुर, खुदागंज, जहानगंज, ताजपुर, दरियावगंज और याकूतगंज क्षेत्रों में भी फसलें बुरी तरह प्रभावित रहीं।
अमृतपुर तहसील में दो दिन से हो रही लगातार बारिश ने धान, उड़द, मूंग, तिल और बाजरा को नुकसान पहुंचाया। करनपुर दत्त के संजय प्रताप सिंह ने बताया कि उनकी 15 बीघा कटी धान की फसल पानी में डूब गई, जिससे करीब दो लाख रुपये का नुकसान हुआ।
तहसीदार शशांक सिंह ने कहा कि लेखपालों को फसलों के नुकसान का सर्वे कर रिपोर्ट फीड करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे प्रभावित किसानों को मुआवजा या राहत के दावे के लिए आधिकारिक आंकड़े मिलेंगे।
किसानों का कहना है कि कटाई के समय हुई तेज हवा और बारिश ने खड़ी धान को जमीन पर फेंक दिया। अब स्थानीय प्रशासन का सर्वे और रिकॉर्ड तय करेगा कि कितनी फसल बचेगी और किसे कितनी सहायता मिल सकती है।
स्रोत: अमर उजाला

