गाज़ियाबाद। बीते तीन दिन में जिले की मोदीनगर, लोनी और सदर तहसील के 14 लेखपालों ने अपना अतिरिक्त प्रभार छोड़ दिया है और अब जिले के 40 हलकों में एक भी लेखपाल तैनात नहीं है। इससे राजस्व विभाग का कामकाज ठप जैसा हो गया है और आम लोग तहसीलों में भटक रहे हैं।
लेखपाल संघ के जिला अध्यक्ष संजय कुमार ने बताया कि लेखपालों की संख्या पहले से कम है। इसी वजह से एक-एक लेखपाल को कई अतिरिक्त हलकों का चार्ज दिया गया था, जिसे अब वे लौटाकर केवल अपनी मूल तैनाती वाले हलके में ही काम करेंगे।
मांगें और फरिया
संघ का कहना है कि शासन स्तर पर उनकी मांगों को लगातार अनदेखा किया जा रहा है। प्रमुख मांगों में लंबित वेतन वृद्धि व वेतन विसंगतियों का निवारण और रिक्त पदों पर नई भर्तियों की त्वरित प्रक्रिया शामिल है। साथ ही लेखपाल मांग कर रहे हैं कि क्षमता से अधिक हलकों का अतिरिक्त कार्यभार बंद किया जाए और डिजिटल काम के लिए संसाधन व उचित इंटरनेट भत्ता दिया जाए।
- मोदीनगर: 6 लेखपालों ने अतिरिक्त प्रभार छोड़ा
- लोनी: 5 लेखपालों ने अतिरिक्त प्रभार छोड़ा
- सदर तहसील: 3 लेखपालों ने अतिरिक्त प्रभार छोड़ा
कार्य प्रभावित होने से तहसीलों में लोगों की परेशानियाँ बढ़ गई हैं। आय, जाति, मूल निवास प्रमाण पत्र बनवाने, खसरा-खतौनी की नकल निकालने, कोर्ट के आदेश दर्ज कराने और वरासत दर्ज कराने के लिए लोग इधर-उधर भटक रहे हैं। आपदा व फसल नुकसान का आकलन कार्य भी प्रभावित हो रहा है।
वरिष्ठ अधिवक्ता नकुल त्यागी ने कहा कि अधिकारियों को समस्या का समाधान निकालना चाहिए क्योंकि लोग निराश होकर लौट रहे हैं। मोदीनगर एसडीएम कोमल पवार ने बताया कि लेखपालों से वार्ता चल रही है और इस संबंध में मुख्यालय को रिपोर्ट भेजी गई है।
आगे क्या होना है
प्रशासन को जल्द रिक्त हलकों में नियुक्ति कर कार्य बहाल करना होगा वरना सरकारी सेवाओं से जुड़े दर्जनों मामले लंबित रहेंगे। नागरिकों को सलाह है कि जरूरी दस्तावेज व समयबद्ध कामों के लिए तहसील कार्यालयों में जाने से पहले स्थानीय कार्यालय से जानकारी लें।
स्रोत: अमर उजाला
