शाहजहांपुर। जिले के सुथा गांव के मंदिर में बुधवार रात दो साधुओं की बेदर्दी से हत्या कर दी गई और बाद में उनके शवों को पूजा सामग्री के घी-तेल व कपूर से जला दिया गया। घटना की जानकारी गुरुवार सुबह ग्रामीणों को तब हुई जब मंदिर से धुआं निकलता देख लोगों ने अंदर देखा।
पुलिस के मुताबिक दोनों मृतक बाबा गोपालदास और दिव्यांग बाबा बिहारीदास थे। आरोपी सुमित घर से लोहे का पाइप लेकर मंदिर गया और पहले दोनों के भरोसे में आने के लिए करीब 30-40 मिनट तक सोने का नाटक किया। दोनों के गहरी नींद में जाने पर उसने पहले बाबा गोपालदास और फिर बाबा बिहारीदास के सिर पर पाइप से वार किया।
हत्या और आगजनी की बरसी प्रक्रिया
हत्या के बाद आरोपी ने पूजा सामग्री में रखे घी और कपूर की मदद से दोनों शवों को आग लगा दी। पुलिस ने बताया कि सुमित शवों के जलने तक वहीं मौजूद रहा। जब उसे यकीन हो गया कि दोनों की मौत हो चुकी है तो वह घर लौटकर सो गया। घटना स्थल से उसके घर के पास फेंका गया लोहे का पाइप बरामद कर लिया गया है।
शुरुआत में पुलिस को लगा कि आग बाइक में रखे पेट्रोल से लगाई गई थी, लेकिन जांच में बाइक में पेट्रोल पूरा मिला और फिर अन्य सामानों की तलाशी में घी-तेल मिलने पर यह बात सामने आई। गांववालों ने बताया कि सुमित ने घटना के बाद गोपालदास का मोबाइल भी उठा लिया था।
ग्रामीणों के अनुसार सुमित ने पहले भी मंदिर में जाकर बिहारीदास को वहां से चले जाने की धमकी दी थी और उस पर पहले से उपद्रव, मारपीट व आगजनी जैसे आरोप रहे हैं। पिछले साल उसने एक शिक्षामित्र की कार व एक बाइक में आग लगाने की भी कोशिश की थी।
बाबा गोपालदास करीब 40 साल पहले सुथा गांव आए थे और वे कथावाचक के रूप में आसपास जाते थे। उनकी पत्नी लज्जावती का 20-25 साल पहले निधन हुआ था। दिव्यांग बिहारीदास गांव के ही रहने वाले थे, उन्हें पैरालिसिस था और वह पिछले करीब दस साल से संन्यासी थे। हत्याकांड की सूचना पर परिजन व गांव वाले मौके पर इकट्ठा हो गए और परिजन रो-रोकर बेहाल हैं।
आगे की कार्रवाई
पुलिस ने आरोपी सुमित के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सुमित पर कुल सात मुकदमे दर्ज हैं जिनमें तीन आर्म्स एक्ट के मामले शामिल हैं; वह दिसंबर 2025 में आर्म्स एक्ट के आरोप में जेल गया था और अगस्त में जमानत पर छोड़ा गया था। ग्रामीणों ने आरोपी की पत्नी नीलम का कहना उद्धृत किया, “जो जैसा करेगा, उसे वैसा ही भरना पड़ेगा।”
स्रोत: अमर उजाला

